0 पालिका में कर्मचारियों का है भारी टोटा, भर्तियां बंद हैं और सेवा निवृत्ति जारी है
कोंच-उरई। किसी भी संस्था के विकास में उसकी मशीनरी का काफी अहम् रोल होता है लेकिन कोंच पालिका में मशीनरी के नाम पर केवल दो बाबू ही हैं जिनके भरोसे पालिका विकास के आयाम गढने की कोशिशों में लगी है। यहां कर्मचारियों का भारी टोटा है, हर साल कुछ कर्मचारी सेवा निवृत्त हो रहे हैं और भर्तियां बंद हैं, ऐसे में काम चलाऊ कर्मचारी रख कर किसी तरह काम चलाने की मजबूरी को आसानी से समझा जा सकता है।
नगर पालिका परिषद् कोंच विकास के मामले में बुंदेलखंड की अन्य नगर पालिकाओं के मुकाबले काफी आगे है। यहां पिछले साढे चार साल में मौजूदा चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया के नेतृत्व में विकास के इतने काम हुये हैं कि वे मील के पत्थर बन कर दीर्घजीवी बने रहेंगे। इस पालिका का इतिहास काफी स्वर्णिम रहा है, अंग्रेजों के जमाने में बर्ष 1868 में इसकी स्थापना हुई थी। अपनी इस लंबी 149 बर्ष की विकास यात्रा में इसने न जाने कितने पड़ाव देखे हैं और नगर की नामचीन हस्तियों ने बहैसियत चेयरमैन इसके माध्यम से अपनी अविस्मरणीय सेवायें दी हैं। सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभागों में कर्मचारियों की संख्या को लेकर किसी भी सरकार ने कान नहीं दिये हैं। कभी इस पालिका में कर्मचारियों की भरी पूरी संख्या थी और आबादी भी काफी संतुलित थी लेकिन बदलते वक्त में जब इस कस्बे की आबादी लगभग चार गुना बढ गई है तब इसमें कर्मचारियों का टोटा हर साल बढता ही जा रहा है क्योंकि अधिकांश पुराने कर्मचारी अवकाश ग्रहण करते चले जा रहे हैं और नई भर्तियां हो नहीं रहीं हैं जिसके चलते संविदा और दैनिक वेतन पर कर्मचारी रख कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। अगर कर्मचारियों की यही स्थिति रही तो काम चलाना भी मुश्किल हो जायेगा। मिली जानकारी के अनुसार पालिका में लिपिकों के नौ पद स्वीकृत हैं लेकिन इसके सापेक्ष केवल दो बाबू ही बचे हैं। टैक्स मुहर्रिर के दोनों पद खाली हैं, सफाई नायकों की अगर बात करें तो चार के सापेक्ष मात्र एक ही पद भरा है, तीन खाली हैं। रेग्युलर सफाई कर्मचारियों की संख्या 69 के सापेक्ष 50 कर्मचारी पुरे नगर की सफाई व्यवस्था देख रहे हैं, काम बाधित न हो इसके लिये 30 कर्मचारियों को ठेके पर सफाई के लिये लगाया गया है। यहां गौरतलब यह भी है कि बदलते वक्त के साथ अब पालिका में 3 टैक्टर, 1 जेसीबी मशीन, 2 डंपर प्लेसर, 1-1 टाटा एस, इाईड्रोलिक सीढी और सीवर जेटिंग मशीन भी पालिका की मिल्कियत हैं जिन्हें संचालित करने के लिये छह ड्राइवर दैनिक वेतन पर रखे गये हैं।
इंसेट में-
पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया का इस बाबत कहना है कि पालिका में हर साल कर्मचारी घटते चले जा रहे हैं और नईं भर्तियां हो नहीं रहीं हैं जिससे काम बुरी तरह प्रभावित होते हैं। स्वीकृत पदों के सापेक्ष बहुत ही कम कर्मचारी बचे हैं जिनसे काम चलाया जा रहा है, कुछ दैनिक वेतन पर भी रखे गये हैं। कर्मचारियों के बाबत समय समय पर शासन को भी लिख कर भेजा जाता है।






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