उरई। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में रौन कस्बे के पास सिंध के डुबका घाट से उठकर आ रही बालू जालौन जिले की सड़क और पुलियों की दुश्मन साबित हो रही है। गोहन की पुलिया यहां से होकर औरैया के रास्ते बालू महानगरों में ले जाने के लिए चलने वाले ओवर लोड ट्रकों के भार से कराह कर ध्वस्त हो चुकी है। यह तो एक नमूना है, वैसे रामपुरा से बायां ऊमरी-गोहन, कुठौंद तक की सारी सड़के और पुल-पुलियां इसके चलते जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं।
मध्य प्रदेश में जालौन जिले के सीमावर्ती इलाकों में बालू का अवैध खनन चरम सीमा पर है। यह बालू जालौन जिले की सीमा से कानपुर, आगरा, मथुरा, दिल्ली आदि महानगरों के लिए रवाना की जाती है। हर रोज रात में लगभग 200 ओवर लोड ट्रक जालौन जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं। बालू माफिया सारे थाने और परिवहन विभाग की जेब गरम किये रहते हैं। इसलिए कहीं इनकी टोका-टाकी नही होती। जबकि इसकी वजह से जालौन जिले की सड़के बेहाल हो रही हैं।
ट्रक तो फिर भी गिनती में हैं लेकिन बालू से ओवर लोड ट्रैक्टर तो अनगिनत है जो उक्त रूट से चैबीस घंटे निकलते रहते हैं। लेकिन मजाल है कि पुलिस किसी भी ट्रैक्टर वाले को टोके। उच्चतम् न्यायालय तक अवैध खनन और ओवर लोडिंग रोकने के फरमान जारी करते-करते थक चुका है लेकिन सरकारी तंत्र पर कोई असर नही हो रहा है। अब जबकि प्रदेश में निजाम बदलने के आसार हैं, ओवर लोड ट्रकों पर कानून का डंडा फिर चल पायेगा।






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