0 मामला मथुराप्रसाद महाविद्यालय का
कोंच-उरई। विगत कई महीनों से कर्मचारियों को वेतन मानदेय और एरियर का भुगतान नहीं होने के कारण मथुराप्रसाद महाविद्यालय के स्ववित्त पोषित कोटे के कर्मचारियों में न केवल गहरा असंतोष है बल्कि उनके परिवार फाकाकशी की नौबत में हैं। उक्त कर्मचारी कई दफा महाविद्यालय प्रशासन के अलावा प्रबंध समिति को भी लिखित रूप से अवगत करा चुके हैं लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जाना चिंताजनक है। मंगलवार को भी कर्मचारियों द्वारा प्राचार्य को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया है कि यदि शीघ्र ही उनके भुगतान नहीं किये गये तो मजबूरन उन्हें हड़ताल का रास्ता अख्तियार करना पड़ सकता है।
मथुराप्रसाद महाविद्यालय कोंच में काम करने बाले कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। इस असंतोष का कारण स्ववित्त पोषित कर्मचारियों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम लेने के बाद समय से उनके वेतन और मानदेय देने में कंजूसी किया जाना है। कई कई महीनों तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने से उन कर्मचारियों को आर्थिक तंगी के दौर से गुजरना पड़ रहा है लेकिन कई कई बार कॉलेज प्रशासन और प्रबंध तंत्र को इस बाबत अवगत कराने के बाद भी उनकी आवाज नक्कारखाने में तूती की आवाज बन कर गुम हो जाती है। मंगलवार को कॉलेज का एक कर्मचारी अभिषेक रिछारिया जो बतौर कम्प्यूटर ऑपरेटर वहां काम करता है, ने प्राचार्य डॉ. टीआर निरंजन को प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि इससे पूर्व भी 1 मार्च को वेतन मानदेय और एरियर के भुगतान के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन उस पर संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने कहा है कि यदि शीघ्र ही उनके अवशेष भुगतान नहीं किये गये तो 10 मार्च से मजबूरन उन्हें हड़ताल की ओर रुख केरना पड़ेगा।

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