उरई। जालौन-औरैया रोड को एनएच का दर्जा दिये जाने पर विचार चल रहा है जिससे इस रोड की उपयोगिता और यहां ट्रैफिक की सघनता का अनुमान लगाया जा सकता है। लेकिन शेरगढ़ घाट के नजदीक सनगढ़ इस रोड की तरक्की के लिए ब्रेकर बन गया है। जानिये कि सनगढ़ जाम प्वाइंट के रूप में बदनाम क्यों हो रहा है ?
शुक्रवार को सुबह सनगढ़ पर एक बार फिर घंटों जाम लगा रहा। इस प्वाइंट की यह हालत आये दिन की है। जिसकी वजह से कानपुर और इटावा-आगरा-दिल्ली जाने वाले इलाके के यात्रियों को कुछ दिनों से ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कि वे फिर लंबा चक्कर अपने गतंव्य के लिए काटने की मजबूरी महसूस करने लगे हैं।
कोई सनगढ़ पर अखंड जाम को लेकर यह सोच सकता है कि यहां कोई मेला भरने लगा है या कोई बिजनिस हब या एजूकेशन हब जैसा सेंटर डेवलेप हो गया है, लेकिन इनमें से कोई अनुमान सही नही है। सनगढ़ को सुचारू यातायात के लिए बनाई गई शंकरपुर चौकी की पुलिस ने उन ट्रकों के ठहराव का स्टैण्ड बना दिया है जो ओवर लोडिंग के चलते औरैया में खड़े परिवहन विभाग के दस्ते की आंख में धूल झोकनें की फिराक में रहते हैं। इस मामले में लोकेशन के नाम से एक नई टर्म ईजाद हुई है। सनगढ़ पर दरअसल ट्रक वाले लोकेशन लेने के लिए खड़े होते हैं जिसका पूरा मतलब बताने की शायद जरूरत नही है।
पुलिस की इस तरह की हरकत से हाल में कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं जिनमें दर्जन भर लोगों की जाने चली गई हैं। शंकरपुर चौकी के नजदीक भी डम्फर की टक्कर से घायल युवक की मौत का हादसा सामने आ चुका है। फिर भी पुलिस सबक लेने को तैयार नही है। न ही पुलिस के अधिकारी इस ओर गौर कर रहे हैं।
लोकेशन प्वाइंट बन जाने की वजह से शंकरपुर चौकी जिले की सबसे मलाईदार चैकियों में शुमार मानी जाने लगी है। इसी कारण माल काटने में डकैतों और लुटेरों से होड़ करने वाले पुलिस कर्मी इस चौकी पर डटे रहने के लिए भरपूर नजराना उछालने को तैयार रहते हैं। हदरुख चौकी पर शिकायतों के कारण लाइन हाजिर हुए बदनाम सिपाही की शंकरपुर चैकी पर री-पोस्टिंग इसकी जीती-जागती मिसाल है।
लोकेशन फीस के लिए अंधी शंकरपुर चौकी पुलिस इस मामले में जाने-अन्जाने में एक और क्राइम को बढ़ावा दे रही है। दरअसल चौकी का पुलिस अमला उसकी छत्रछाया में शरण लेने वाले ट्रकों के बारे में यह जांचने की जरूरत भी महसूस नही करता कि उन पर नंबर क्यों नही है। या जो नंबर लिखा है वो उनके कागज में अंकित है या दूसरा कोई नंबर अंकित है। इस तरह छीने गये लूटे गये ट्रक भी धड़ल्ले से रोड पर मटरगश्ती करते रहते हैं। जब तक शंकरपुर पुलिस चौकी जैसा शरीफ स्टाॅफ मौजूद है तब तक क्राइम करने वाले सैंया भये कोतवाल, अब डर काहे का की तान छेड़े रह सकते हैं।

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