उरई। नदीगांव के बाहुबली बसपा नेता अभिमन्यु सिंह उर्फ डिम्पल की मुसीबत कोर्ट की टेढ़ी निगाह के चलते बढ़ती ही जा रही है। हत्या के एक मामले में उन्हें क्लीन चिट देने को लेकर हाईकोर्ट ने पुलिस को जबर्दस्त फटकार लगाई। इस मामले में झांसी रेंज के डीआईजी को व्यक्तिगत तौर पर 22 मार्च को कोर्ट के सामने तलब कर लिया गया है। साथ ही हाईकोर्ट ने पुलिस के रवैये पर कड़ी टिप्पणियां भी की हैं।
चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने गवाह न मिलने के आधार पर हत्या के केस से अभिमन्यु सिंह का नाम हटाये जाने को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिमन्यु सिंह के खिलाफ 63 मुकदमें हैं जिनमे 11 हत्या के हैं। अगर वे जेल से बाहर रहेगें तो किसकी हिम्मत है कि उसके खिलाफ गवाही दे।
हाईकोर्ट ने कहा कि जमानत मिलने के बाद डिम्पल फिर नया खूंखार क्राइम करने को तैयार हो जाता है। पुलिस की मंशा साफ होती तो ऐसे दबंग की नया क्राइम करते ही पुराने मामलों की जमानत निरस्त कराने का प्रयास उसे करना चाहिए था। पुलिस की इस ढिलाई की वजह से ही अपराध नही रुक पा रहे हैं। हाईकोर्ट की बैंच ने 22 मार्च को कोर्ट में आकर झांसी रेंज के डीआईजी शरद सचान से अपना स्पष्टीकरण और डिम्पल के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्टेटस रिपोर्ट देने की मांग की।

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