0 हंसाने गुदगुदाने का अभूतपूर्व आयोजन महामूर्ख सम्मेलन 13 को केलरगंज में
कोंच-उरई। रंगों का त्योहार होली हो और हास परिहास में कंजूसी हो तो रंगों के इस पर्व का सारा मजा ही किरकिरा हो जायेगा। यहां होली के दूसरे दिन अर्थात् पड़वा को महामूर्ख सम्मेलन आयोजित करने की पुरानी परंपरा रही है। पिछले कई दशकों से अनवरत आयोजित होते आ रहे महामूर्ख सम्मेलन में होली पर लोगों को गुदगुदाने के लिये 13 मार्च की अपरान्ह दो बजे स्थानीय केलरगंज में महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस साल के महामूर्ख पत्रकार ब्रजेन्द्र मयंक होंगे।
सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने बाली प्रमुख संस्था श्बुंदेली संस्कृति एवं लोक कला संवर्द्धन संस्थान्य द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है, संस्था के कार्यक्रम संरक्षक द्वय रमेश तिवारी व पुरुषोत्तमदास रिछारिया के हवाले से मीडिया प्रभारी राहुल राठौर ने बताया है कि सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूर्व में इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते रहे और साहित्यिक रूप से इसे समृद्ध करते रहे वरिष्ठ वामपंथी विचारक स्व. ठाकुरदास वैद तथा पूर्व पालिकाध्यक्ष स्व. राधेश्याम दांतरे को समर्पित इस कार्यक्रम में गीत संगीत से सजी हास्य व्यंग्य की इस बगिया के कई फूल लोगों को गुदगुदाने के लिये बेताब हैं। उन्होंने बताया है कि इस साल के महामूर्ख नगर के जानेमाने पत्रकार व लोकतंत्र सेनानी चैधरी ब्रजेन्द्र मयंक होंगे और जो भी प्रस्तुतियां दी जायेंगी उनमें अधिकांश उन्हीं को केन्द्र में रख कर ही परोसी जायेंगी। यहां खास बात यह होगी कि महामूर्ख महोदय की पोलें खोलने का यह प्रमुख मंच बन जाता है जिन्हें सुन कर ऑडिएंस को भी भरपूर आनंद आता है।






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