0 ढोल नगाड़ों पर नाचे, जगह जगह गोले दाग बांटी मिठाइयां
0 एक्साइज ड्यूटी का विरोध करने वाले सर्राफ भी रंग गये भगवा में
कोंच-उरई। विधानसभा के चुनाव नतीजे हालांकि काफी चैंकाने बाले रहे और पार्टी के क्लीन स्वीप की बदौलत सूबे में भगवा की धमाकेदार ऐंट्री ने भाजपाइयों समेत उन लोगों जो जातिवादी और वर्गवादी राजनीति के मुखालफत करते रहे हैं, ने इस जीत को जम कर सेलीब्रेट किया। जगह जगह गोले दा कर लोगों ने मिठाइयां बांटीं और ढोल नगाड़ों की थाप पर खूब नाचे। यहां सैकड़ों जगहों से ऐसे समाचार लगातार मिल रहे हैं, तो दूसरी तरफ सपा, कांग्रेस और बसपा खेमों में खामोशी छाई है।
जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा की धमाकेदार बापिसी से भाजपा और उसकी विचारधारा के लोगों में जबर्दस्त उत्साह का माहौल है। उरई सदर से गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ से मूलचंद्र निरंजन व कालपी से नरेन्द्र सिंह जादौन की जीत पर कोंच में जश्न का माहौल है। सर्राफा, रामगंज और मानिक चैक बाजारों में आज माहौल बिल्कुल बदला बदला दिखा, एक्साइज ड्यूटी लगाये जाने के केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ जिन सर्राफों से महीने भर से ज्यादा समय तक अपने प्रतिष्ठान बंद रख कर अपना तीखा विरोध जताया था, आज भाजपा की जीत सेलीब्रेट करने के लिये उन्होंने जमकर गुलाल उड़ाया गया जिसमें खास बात यह है कि गुलाल का रंग भी भगवा ही चुना गया। ढोल नगाड़ों की धुनों पर सर्राफा व्यवसायी और आभूषण निर्माता खूब नाचे। इस दौरान उन्होंने आतिशबाजी भी की और मिठाइयां भी बांटीं। इस दौरान महेन्द्र सोनी, नरोत्तमदास स्वर्णकार, जितेन्द्र गिरवासिया, मानू सर्राफ, दीपक सर्राफ, संजीव गर्ग, मनोज गिरवासिया, डीके सोनी, श्यामजी ठाकुर, अनिल कपूर, उमेश सोनी, चतुर्भुज चंदेरिया, पुष्पांक, मोहन सोनी, सोनू सोनी, लकी अग्रवाल, आनंद सेठ, नरेन्द्र मयंक, राघवेन्द्र चिंगारी, रामकुमार मुकुंदी आदि मौजूद रहे। नईबस्ती तिराहे पर विनोद गुप्ता लोहई और उनके समर्थकों ने भी गोले फोड़े और मिठाइयां बांटीं। विनोद का कहना है कि मोदी की सुनामी में अन्य दलों के टेन्ट ताश के पत्तों की तरह हवा में उड़ते नजर आये हैं, यह जातिवाद और धर्म के नाम पर राजनैतिक रोटियां सेंक कर अपना उल्लू सीधा करने वालों के लिये सबक है कि जनता अब इन लच्छों की राजनीति में फंसने बाली नहीं है बल्कि उसे विकास और सुरक्षा की गारंटी चाहिये। यहां उरई रोड पर विजयसिंह निरंजन बॉबी पनयारा के प्रतिष्ठान पर लोगों ने घंटों गोले दागे और जमकर मिठाइयां बांटीं।
माधौगढ़ से पहले कुर्मी विधायक हैं मूलचंद्र
जातियों के गणित के लिहाज से माधौगढ विधानसभा सीट पर ठाकुरों और ब्राह्मणों का ही वर्चस्व रहा है और इसका कारण भी है कि उक्त विधानसभा में 2012 के परिसीमन से पहले कुरमी वोटों का गणित लगभग शून्य था लेकिन परिसीमन के बाद कोंच विधानसभा के खात्मे के बाद माधौगढ क्षेत्र में जो इलाका कोंच का जुड़ा उसमें तकरीबन पंद्रह हजार वोट कुरमियों का जुड़ गया है। हालांकि जातिगत आधार पर विधानसभा चुनाव में यह संख्या कोई खास मायने नहीं रखती है लेकिन कहने के लिये इस विरादरी ने अपनी थोड़ी सी पूंजी का योगदान देकर अपनी जीत का रास्ता तो बना ही लिया है। गौरतलब यह भी है कि जब कोंच विधानसभा अस्तित्व में थी तो शुरुआती तीन पंचबर्षीय 1952 और 1962 तक तीन बार कुरमी विधायक दो बार चित्तरसिंह निरंजन कांग्रेस से और एक बार विजयसिंह निरंजन स्वतंत्र पार्टी से ही रहे हैं, लेकिन इसके बाद यह सीट सुरक्षित हो गई थी।
चुनाव नतीजों को लेकर आरआरएफ लगाई गई
शनिवार को यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों में अप्रत्याशित परिणामों को देखते हुये शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये कोंच में आरआरएफ की एक टुकड़ी भेजी गई है जो नगर में गश्त कर रही है। प्रशासन का अंदेशा भी बाजिब ही लगता है कि इन परिणामों को लेकर किसी तरह की शांति भंग का प्रयास अराजक तत्व कर सकते हैं सो एहतियातन फोर्स तैनात करना लाजिमी है। आरआरएफ छठीं वाहिनी मेरठ के एचसीपी भूपाल सिंह के मुताबिक डेढ सेक्शन फोर्स लगाया गया है जिसका काम केवल स्थिति पर निगाह बनाये रखना है।

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