उरई। पिछले दस दिनों से लापता छात्र की तलाश में संजीदगी न दिखाने से क्षुब्ध परिजनों ने बुधवार को पुलिस कार्यालय में धरना दिया और एसपी से मुलाकात कर पुलिस के रवैये पर गुस्सा जताया।
जालौन में पुलिस की संवेदनहीनता का एक और वाकया सामने आया है। जालौन कोतवाली क्षेत्रांतर्गत सारंगपुर गांव निवासी कौशल किशोर का नवीं कक्षा में पढ़ रहा पुत्र अभिषेक साहू उर्फ अमन 5 मार्च को कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकला था। लेकिन अगले दिन तक घर नही पहुंचा। परेशान घरवालों ने इसकी सूचना 6 मार्च को ही जालौन कोतवाली में मौखिक रूप से दे दी थी लेकिन चुनावी व्यस्तता की आड़ में पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठे रही। यहां तक कि 9 मार्च को कौशल किशोर ने जब प्रार्थनापत्र दिया तो भी जालौन पुलिस ने कोई मामला अंकित नही किया। पीड़ित परिजनों द्वारा दबाव बढ़ाने पर पुलिस ने रोजनामचा में गुमशुदगी का अंकन करके पल्ला झाड़ लिया।
पुलिस की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तब और उजागर हुई जब उसे यह पता चल गया कि अभिषेक के गायब होने के मामले का कनेक्शन उसी के नामाराशि गांव के ही निवासी अभिषेक से है। जिसके घर में गायब अभिषेक की साइकिल मिली। फिर भी पुलिस ने कोई एक्शन नही लिया।
उधर जैसे-जैसे दिन बीते घर के चिराग के गायब होने से तरह-तरह की आशंकाओं को लेकर परिजनों का कलेजा मुंह में आ रहा था। उस पर तुर्रा यह कि पीड़ित परिवार की महिलाएं रो-रोकर घर में बुरा हाल किये हुए थीं। जिससे पीड़ित परिवार के सब्र का बांध आज टूट गया। लगभग 50 लोग जिनमें कई महिलाएं भी थी। एसपी आॅफिस के गेट के सामने एक घंटे तक धरना दिया। इसके बाद उन्होंने एसपी स्वप्निल ममगैन से मुलाकात की और उन्हें एहसास कराया कि किसी के घर का होनहार अगर गायब हो जाये और जिम्मेदार कुछ न करें तो उस परिवार की वेदना की क्या इंतहा होती है। उनके आर्तनांद ने एसपी को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने फोन से तल्ख लहजे में जालौन कोतवाल फुंदनलाल से बात की और कहा कि आरोपी के खिलाफ उगंलियां टेढ़ी करने में कोई रहम न करें वरना उन्हें आपके प्रति बेरहम होना पड़ेगा।







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