उरई। राजमार्ग स्थित शहर के ब्रांड मिष्ठान भंडारों पर अपर आयुक्त की छापामार कार्रवाई से पूरे बाजार में खलबली मच गई। इन प्रतिष्ठानों पर रोजाना लाखों की बिक्री होती है लेकिन व्यापार कर और आयकर जैसे विभागों के अधिकारी इन पर मेहरबान रहते हैं जिससे इनका व्यापार दो नंबंर की ओट में सरकारी रिकार्ड में ओझल बना रहता है।
झांसी मंडल की अपर आयुक्त उर्मिला सोनकर सोमवार को जिले के दौरे पर पहुंची। उन्होंने सबसे पहले कलेक्ट्रेट और विकास भवन में सरकारी दफ्तरों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने तहसील का भी निरीक्षण किया। इसमें गंदगी को लेकर उन्होंने कार्यालयाध्यक्षों को फटकार लगाई। दफ्तरों में सभी अधिकारी और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये।
इस क्रम में राजमार्ग पर से गुजरते समय उन्होंने बच्चाराम स्वीट भंडार और लालमन हलवाई की दुकान के सामने खड़े वाहनों के कारण जाम की स्थिति देखी तो उनका गुस्सा भड़क उठा। अपर आयुक्त जब नीचे उतरीं तो मशहूर कही जाने वाली इन दुकानों में गंदगी देखकर उनका पारा और गर्म हो गया। उन्होंने खाद्य सुरक्षाधिकारी प्रियंका सिंह को मौके पर आकर इन दुकानों में मिठाईयों के नमूने भरवाने के लिए निर्देशित किया।
बताया जाता है कि नेमफेम की आड़ में उक्त दुकानदार मिलावटी मिठाई और दूध आदि अन्य खाद्य सामग्री बेचतें हैं। लेकिन खाद्य सुरक्षाधिकारी प्रियंका सिंह की भी इन पर नजरे इनायत रहती हैं। इसलिए पवित्र पशु की तरह उनका विभाग अभी तक इन दुकानों का संरक्षण करता आ रहा था। लेकिन आज अपर आयुक्त का आदेश होने की वजह से जब उनको उक्त दुकानों का सैम्पिल भरवाना पड़ा तो मूड़ खराब हो गया। इसका गुस्सा उन्होंने फोटो खीच रहे पत्रकारों पर यह कहते हुए उतारा कि यह अधिकार आपको किसने दिया है। अगर इन नमूनों में कमी नही पाई गई तो दुकानदारों की बदनामी के लिए आपलोगों को जेल भिजवा दूंगी। सीएम आदित्यनाथ योगी के पत्रकारों के साथ संयमित व्यवहार के निर्देश के बावजूद खाद्य सुरक्षाधिकारी की इस बेजा नाराजगी पर पत्रकार स्तब्ध रह गये। बाद में बच्चाराम सिंधी के संचालक दुकानदार ने ठंडी और जायकेदार लस्सी उनको पेश की जिसे पीकर वे कुछ देर बाद नार्मल हो सकीं।

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