उरई। नियम के विपरीत 42 शिक्षकों का स्थानांतरण का जिन्न एक बार फिर से बाहर आ गया है। स्थानांतरण के लिए बीएसए विभाग द्वारा बनाई गई लिस्ट का विरोध होने पर कुछ दिनों तक रोके जाने के बाद इसी लिस्ट को आगे बढ़ाकर 42 शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया है। आरोप है कि इस लिस्ट में जिन शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है वह नियम के विपरीत है। आरोप यह भी है कि शिक्षकों से रुपए लेकर यह नियम के विपरीत स्थानांतरण किए गए हैं। इस पूरे मामले को लेकर शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त हो गई है और बीएसए पर गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2017 से कुछ समय पूर्व तत्कालीन प्रदेश की सपा सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में शिक्षकों का समायोजन करने के लिए कमेटी बनाई गई थी। जिले में भी इस कमेटी का गठन हुआ था। कमेटी का मुख्य उद्देश्य यह था कि जिन विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम और शिक्षकों की संख्या ज्यादा है वहां से शिक्षकों को हटाकर ऐसी जगह स्थानांतरित किया जाए जहां शिक्षकों की अधिक आवश्यकता है। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों में शिक्षकों के स्थानांतरण करने का अधिकार भी इस कमेटी को  दिया गया था। बीती 22 दिसंबर 2016 को पहली लिस्ट जारी हुई और इस लिस्ट में शामिल शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया। इसके बाद बीती दो जनवरी 2017 को फिर से लिस्ट जारी हुई। इस  लिस्ट में स्थानांतरण के लिए 42 शिक्षकों का नाम शामिल किया गया था पर लिस्ट में ऐसे नाम थे जो स्थानांतरण की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके चलते इस लिस्ट का शिक्षकों द्वारा विरोध किया  गया। विरोध के कारण इस लिस्ट को रोक दिया गया था। इसके बाद चुनाव आचार संहिता लागू हुई तो मामला कुछ दिन और लटका रहा। अब चुनाव खत्म होने के बाद नवागंतुक बीएसए कमलेश कुमार ओझा ने इसी लिस्ट का अनुमोदन कराकर शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया है। इसके चलते बीएसए की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्नï लगने लगे हैं। शिक्षकों का तो यह भी आरोप है कि बीएसए द्वारा रुपए लेकर यह स्थानांतरण किए गए हैं। इन स्थानांतरणों को लेकर शिक्षकों में काफी नाराजगी पनप रही है। जल्द ही शिक्षकों का विरोध सड़कों पर भी देखने को मिल सकता है। वहीं इस बारे में बीएसए केके ओझा का कहना है कि मैंने कोई नई लिस्ट नहीं बनाई है। पूर्व के बीएसए द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए जो लिस्ट तैयार की गई थी उसी को आगे बढ़ाकर शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है।

इनसेट…
आखिर किसने किया स्थानांतरण की लिस्ट का अनुमोदन
उरई। नियमों के विपरीत हुए 42 शिक्षकों के स्थानांतरण के मामले में एक ओर घोर लापरवाही  सामने आ रही है। नियमानुसार शिक्षा विभाग के  सभी प्रस्तावों को सीडीओ द्वारा अनुमोदित करके इसे जिलाधिकारी के पास भेजा जाता है जिसके बाद सीडीओ द्वारा अनुमोदित किए गए प्रस्ताव को  अमल में लाया जाता है पर शिक्षकों के स्थानांतरण के मामले में ऐसा नहीं हुआ है। शिक्षकों के स्थानांतरण की सूची सीडीओ के पास पहुंची ही नहीं। न ही सीडीओ द्वारा इस तरह की किसी सूची का अनुमोदन किया गया। इसके बाद भी शिक्षकों का स्थानांतरण आखिर कैसे हो गया? इसे लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम है। इस बारे में सीडीओ एसपी सिंह का कहना है कि शिक्षकों के स्थानांतरण संबंधी कोई लिस्ट मेरे पास नहीं आई और न ही मैंने इसका अनुमोदन किया।  इनसेट… मध्य सेशन में ही कैसे हो गए स्थानांतरण!  उरई। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण में एक चूक और की गई है। नियमानुसार मध्य सेशन में स्थानांतरण नहंी किए जाते हैं। शिक्षण सत्र पूरा होने के बाद ही शिक्षकों को स्थानांतरित किया जाता है। नया शिक्षण सत्र अप्रैल माह से शुरू होने वाला है। इससे पूर्व ही मध्य सेशन में यह स्थानांतरण कर दिए गए।

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एक और लिस्ट जारी करने की तैयारी में शिक्षा विभाग!
उरई। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नियमों के विपरीत शिक्षकों के स्थानांतरण का ख्ेाल अभी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। सूत्रों की मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक लिस्ट इसी तरह की और तैयार की गई है। इसमें भी शिक्षकों से सांठगांठ करके लिस्ट में उनके नाम शामिल किए गए हैं अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही इस लिस्ट को भी जारी कर स्थानांतरण करने की तैयारी है।

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बीएसए ने रुपए लेकर किए स्थानांतरण: ठाकुर दास
उरई। इस मामले में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुर दास यादव का कहना है कि बीएसए द्वारा रुपए लेकर गलत ढंग से शिक्षकों का  स्थानांतरण किया गया है। एकल विघालय बंद कर शिक्षकों को ब्लॉक स्तर पर स्थानांतरित कर दिया गया है। जल्द ही इसे लेकर संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा।

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