उरई। ई-बैकिंग की रफ्तार को तेजी देने के लिए बैकों के अधिकारी गांवों में जाकर लोगों को उनकी घबराहट दूर करने के लिए रूहअफजा पिलाकर कूल-कूल करेंगे। इसके बाद उनको मोबाइल से रुपयों के लेन-देन में एक्सपर्ट बनने के गुर सिखायेंगे।
बुधवार को चेटीचंद्र जयंती के अवकाश के बीच बैकों की जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक अपर जिलाधिकारी आरके सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। जिसका संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक पुलक कुमार राय ने किया। उन्होंने बताया कि वित्तीय मामलों में पारदर्शिता के लिए कैशलैस और आॅनलाइन बैकिंग को बढ़ावा देने का अभियान सरकार ने छेड़ रखा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को इससे कोई कठिनाई नही होगी। यह आश्वस्त करने का काम बैकिंग सैक्टर का है। इसलिए लीड बैंक गांवों में शिविर लगायेगी और लोगों को आॅन लाइन बैकिंग के गुर सिखाकर उनका आत्मविश्वास मजबूत करेगी। बैठक में नाबार्ड के जिला प्रबंधक प्रकाश चंद्र ने पशु पालन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय अनुकूलताओं पर आधारित मवेशियों की डेयरी स्थापित करने की योजना के बारे में बताया। उन्होनें कहा कि इसमें जिसके पास जितने संसाधन होगे उतने ही मवेशी खरीदने के लिए सहायता दी जायेगी। योजना के ऐसे लाभार्थियों को 30 प्रतिशत और सामान्य लाभार्थियों को 25 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
बैठक में किसान के्रडिट कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा हुई। वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दुगनी करने के उपायों पर आइडियाज का आदान-प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की वास्तविक स्थिति और आरसेटी की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

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