उरई। बुंदेलखंड के साथ बेपरवाही अब नही चल पायेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यह स्पष्ट किये जाने के बाद प्रशासन को भी चैकन्ना होना पड़ा है। गर्मी में बुंदेलखंड में होने वाली विपत्तिकारक स्थितियों के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह से ही प्रशासन ने कसावट के साथ तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दिशा में सोमवार को जिलाधिकारी सभाकक्ष में सिचाई और ऊर्जा सलाहकार समिति की बैठक की गई। बैठक में शामिल न होने वाले अधिकारियों को एक दिन की वेतन कटौती का प्रसाद देकर यह साफ कर दिया गया कि बुंदेलखंड में मलाई काटने के लिए रहने के दिन अब लद चुके हैं। गर्मी में पसीना बहाते हुए काम करने पर ही अधिकारी वेतन निकाल पायेगें। इस संदेश के चलते बैठक में उपस्थित अधिकारियों के भी चेहरों पर हवाईयां उड़ती रहीं।
बैठक में डीएम संदीप कौर ने बेतवा नहर खंड-1 और खंड-2 के अधिशाषी अभियंताओं को बताया कि सीएम के यहां से आदेश आ चुका है कि नहरों की सिल्ट सफाई का काम मई के पहले पखवारे तक पूरा कर लिया जाये। किस समय कहां सफाई होगी इसका पूरा चार्टर तैयार कर विधायकों और सांसद व जिला पंचायत अध्यक्ष को उपलब्ध कराया जाये। जन प्रतिनिधि समय-समय पर नहर सफाई की चैकिंग करेगें। हर साल की तरह इस साल भी पानी बरसने के एक-दो दिन पहले नहरों की सफाई का नाटक शुरू कर इस वास्ते आवंटित बजट को पी जाने का सपना अधिकारी संजोये हुए थे लेकिन डीएम की घोषणा के बाद उन्हें महसूस हो गया कि इस बार दाल नही गल पायेगी। इसलिए दोनों खंडो के अभियंताओं के चेहरे पीले हो गये। घर पहुंचकर उन्होंने अपनी पत्नियों की सलाह पर डाॅक्टर के घर जाकर पीलिया की जांच भी कराई।
डीएम ने नलकूप विभाग के अभियंताओं को भी सीएम की हिदायत के बारे में बताया, उन्होंने कहा कि प्लीज इस साल कागजों में सारे नलकूंप चलते दिखाने की हिमाकत न करना। अगर एक भी नलकूप चाहे बिजली खराबी और चाहे मैकेनिकल कमी से बंद पाया गया तो झूठी रिपोर्टिगं उन्हें नौकरी से रुखसत कराने का कारण भी बन सकता है। बैठक के बाद नलकूप विभाग के एक अभियंता को यह फुसफुसाते सुना गया कि उन्हें तो एक मिनट के लिए भी गर्मी बर्दास्त नही होती। इस गर्मी में नलकूप चैक करने निकले तो कहीं उनका राम-नाम सत्य न हो जाये। हे भगवान इस योगी सरकार में उनका क्या होगा।
डीएम ने बताया कि जो तालाब, पोखर नलकूप से भरे जाते हैं। उन्हें अप्रैल के दूसरे सप्ताह से भरना शुरू कर दिया जाये। नहरों से भरे जाने वाले तालाबों में 6 मई से पानी डाला जाना है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्यास से कोई मवेशी दम न तोड़ पाये। इसलिए समय से तालाब भरना मस्ट है। अगर खुदा न खास्ता प्यास से किसी मवेशी के मरने की सूचना लखनऊ पहंुच गई तो खैर न होगी।
बैठक में सदर विषायक गौरी शंकर वर्मा और माधौगढ विधायक मूलचंद्र निरंजन उपस्थित रहे। संचालन मुख्य विकास अधिकारी एसपी ंसिंह ने किया। नलकूप नहर और बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता भी उपस्थित थे। रामगंगा कमांड और भूमि संरक्षण के कुछ अधिकारी घर के लिए नया एसी खरीदने में बिजी हो जाने से बैठक में नही आ पाये। उन बेचारों का वेतन काट लिया गया। इस पर उनके घरवालों की प्रतिक्रिया थी कि जान है तो जहान है। वेतन कट जाये मंजूर है पर ऐसी गर्मी में वे जान तो देने वाले नही है।







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