उरई। माधौगढ़ के पूर्ति निरीक्षक की मनमानी से क्षेत्र के प्रधानों में असंतोष व्याप्त है। शासन के निर्देश पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के पारदर्शी और सुचारू संचालन के लिए निगरानी समितियां गठित करने के बावत पूर्ति निरीक्षक से नाम मांगे गये थे। पूर्ति निरीक्षक अमोल सिंह चैहान ने निष्पक्ष समितियां बनाने की बजाय कोटेदारों की सहूलियत का ख्याल रखा। उन्होंने समितियों में नाम तय करने के लिए प्रधानों से कोई मशविरा नही किया। जब प्रधानों को पता चला कि समितियों में मनोनयन के लिए पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदारों के आदमियों को रखकर प्रस्ताव भिजवा दिये हैं तो उनमें रोष फैल गया। आज तहसील क्षेत्र के कई प्रधान इस पर आपत्ति जताने के लिए एसडीएम से मिलने गये। लेकिन तबादला हो जाने की वजह से उनकी भेंट एसडीएम से नही हो सकी। इस बीच पूर्ति निरीक्षक ने उनसे कहा कि तहसील क्षेत्र में पूर्ति विभाग का सर्वेसर्वा इंस्पेक्टर होता है। इसमें राज्यपाल तक कोई दखल नही दे सकता। इसलिए उनकी मर्जी में जो नाम आये उन्होंने भेज दिये। आप लोग शांति से अपने घरों में जाकर बैठें।

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