उरई। गोहन थाने की कार्यप्रणाली योगी सरकार की पुलिस व्यवस्था सुधारने की मंशा को चैपट करने वाली प्रतीत हो रही है। इस कारण क्षेत्र के लोगों को एहसास ही नही हो पा रहा है कि प्रदेश में निजाम बदल चुका है।
योगी सरकार ने अवैध खनन पर हंड्रेड परसेंट रोक लगाने का इरादा जताया है और इसके मुताबिक काम भी चल रहा है। लेकिन गोहन थाना इसका अपवाद है क्योंकि थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार त्रिपाठी अवैध खनन से होने वाली कमाई का मोह नही छोड़ पा रहे हैं। कल रात उन्होंने मध्य प्रदेश से नावर में बालू लेकर आये 3 ट्रैक्टर पकड़े थे। जनचर्चा है कि बाद मंें उन्होंने तीनो ट्रैक्टर 15-15 हजार रुपये लेकर छोड़ दिये। वे हर रोज उगाही के इसी तरह के कारनामों की वजह से चर्चा में रहते हैं। लेकिन अधिकारी पता नही इतनी बदनामी के बावजूद उन पर गौर क्यों नही कर रहे। उनका कारखास अजय नायक भी कम कलाकार भी नही है। इसीलिये यह जुगल जोड़ी लोगों के उत्पीड़न में इतनी कामयाब है। अजय नायक नवंबर 2012 में गोहन थाने में तैनात हुआ था। जिसके नाते उसे अभी तक हटा दिया जाना चाहिए था। लेकिन उसका तबादला होता है और पता नही किस मंत्र से वह हर बार रुकवा लेता है। क्या अजया नायक के लिए पुलिस के तबादले और स्थापना के अलग नियम हैं।

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