कोंच-उरई। सरकार किसानों के लिये जहां उनकी उपज का बाजिव मूल्य दिलाने को लेकर सरकारी गेहूं क्रय केन्द्र खोल कर अपनी पीठ थपथपा रही है वहीं अब तक किसानों से क्रय केन्द्रों की बनी दूरी सरकारी व्यवस्था की पोल खोलने के काफी है। नगरीय क्षेत्र में गेहूं की सरकारी खरीद के लिये पांच केन्द्र खोले गये हैं लेकिन अब तक केवल दो केन्द्रों पर ही खरीद चालू हो सकी है और इन दो केन्द्रों पर कुल जमा 219 कुंतल गेहूं ही खरीदा जा सका है, शेष तीन पर अभी तक बोहनी भी नहीं हुई है। खरीद चालू नहीं हो पाने में किसानों का पंजीकरण सबसे बड़ी बाधा बना है जिसके लिये एसडीएम ने गल्ला मंडी में कल से पंजीकरण कराने की व्यवस्था कराने के कड़े निर्देश दिये हैं।
सरकार ने किसानों की सुविधा और उनकी उपज का ठीक दाम दिलाने के लिये समर्थन मूल्य 1625 रुपये निर्धारित करते हुये तमाम क्रय केन्द्र खोले हैं लेकिन किसानों का गेहूं बिना पंजीकरण के नहीं खरीदे जाने के फरमान ने किसानों की मुश्किलें बढाई हुई हैं। नगरीय क्षेत्र में खोले गये पांच क्रय केन्द्रों में केवल दो केन्द्रों विपणन केन्द्र और पीसीएफ पर ही क्रमशरू 111 तथा 108 कुंतल गेहूं ही खरीदा जा सका है। यूपी एग्रो, सहकारी क्रय विक्रय समिति तथा एलएसएस जुझारपुरा पर अभी तक बोहनी भी नहीं हो सकी है। हालांकि यूपी एग्रो के संचालक सुरेन्द्रपाल सिंह ने उम्मीद जताई है कि कल से उनके यहां खरीद प्रारंभ हो जायेगी। समस्या किसान पंजीकरण की है जिसे लेकर एसडीएम मोईन उल इस्लाम ने मंडी सचिव को निर्देश दिये हैं कि मंडी कार्यालय में किसानों के पंजीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। पंजीकरण के लिये किसान बही, आधार नंबर, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर की जरूरत होगी।

Leave a comment