कोंच-उरई। इसे घोर कलियुग का असर नहीं तो और क्या कहेंगे, कि कोई अपनी इकलौती संतान को उसके बीबी बच्चों के साथ घर निकाला दे दे। शुक्रवार को एक ऐसा ही मामला कोतवाली में आया जिसमें एक निष्ठुर पिता ने अपने बेटे और बहू को उनके दो बच्चों के साथ घर से निकाल दिया। वे बेचारे यहां किराये के मकान में रह कर मजदूरी करके अपनी जीविका चलाने को मजबूर हैं।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ब्यौना रियासत के रहने वाले रामस्वरूप पुत्र अजुद्दी ने अपने बेटे कुष्णकुमार, बहू नंदिनी और उनके दो बेटों को घर से निकाल दिया है। कृष्णकुमार का परिवार कोंच में किराये के घर में रहता है और अगर मजदूरी मिल जाती है तो परिवार को दो जून की रोटी नसीब हो पाती है। नंदिनी काफी दिनों से बीमार है और उसका इलाज भी कृष्णकुमार करा पाने में असमर्थ है। ऊपर से कृष्णकुमार का ससुर भी उसे धमकाता है कि वह उसकी बेटी का इलाज नहीं करा रहा है लिहाजा वह उसके ऊपर केस कर देगा। ऐसी स्थिति में एक तरफ कुआ और दूसरी तरफ खाई ही है कि जिसके पास बाल बच्चों का पेट भरने की जुगाड़ तक न हो वह अपनी बीबी का इलाज कैसे कराये। बताया गया है कि कृष्णकुमार अपने मां-बाप की इकलौती संतान है और आठ बीघे खेत उसके पास हैं लेकिन निष्ठुर पिता को अपनी संतान का दुख भी नहीं दिख रहा है। बहरहाल, पुलिस ने कृष्णकुमार और नंदिनी को भरोसा दिया है कि वह उसके साथ न्याय कराने की पूरी कोशिश करेगी।

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