कोंच-उरई। कोटेदारों और थोक डीलरों के बीच चल रहे घटतौली के खेल में मोहरा बनते आ रहे उपभोक्ताओं को अब अधिकारियों के आश्वासन के बाद शायद इस समस्या से कुछ निजात मिलने की उम्मीद बंधी है। अधिकारियों और कोटेदारों के बीच शुक्रवार को तहसील सभागार में संपन्न हुई बैठक में बहुत कुछ समझ बूझ बनी है और कोटेदारों द्वारा थोक डीलरों पर लगाये गये घटतौली के आरोपों के बाद अधिकारियों ने थोक बालों को जता दिया है कि घटतौली का मामला अब बिल्कुल नहीं चलेगा और एवरेज के हिसाब से कोटेदारों को खाद्यान्न मिलेगा।
गुजरे कल गुरुवार की शाम की बैठक के तत्काल बाद शुक्रवार को एक बार फिर तहसील सभागार में एसडीएम मोईन उल इस्लाम की अध्यक्षता में कोटेदारों की बैठक ली गई। इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें गोदाम प्रभारी के अलावा वरिष्ठ विपणन अधिकारी व मिट्टी के तेल के थोक डीलर भी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य बिल्कुल साफ था कि अंत्योदय और पात्र गृहस्थी को दी जाने बाली खाद्य सामग्री में उपभोक्तओं के साथ किसी प्रकार की चीटिंग को किस तरह से रोका जाये। एसडीएम ने जब इस तरह के निर्देश दिये तो कोटेदारों ने एक सुर में थोक डीलरों पर न केवल घटतौली का आरोप लगाया बल्कि निर्धारित मूल्य से ज्यादा बसूलने का भी आरोप लगाया। मसलन, मिट्टी का तेल थोक डीलर से 19 रुपये 38 पैसे में लेकर उपभोक्ता को 20 रुपये में बेचना है लेकिन कोटेदारों का आरोप है कि थोक डीलर ही 20 रुपये 38 पैसे में देता है तो वह उपभोक्ता को 20 रुपये में कैसे बेच सकेगा। इसी तरह गेहूं, चावल की उठान में भी घटतौली का आरोप लगाया गया, कोटेदारों का आरोप है कि सैंतालीस अड़तालीस किलो भर्ती की बोरी उन्हें इक्यावन किलो करके थमाई जाती है। यानी प्रति बोरी दो से तीन किलो कम खाद्यान्न उन्हें जबरिया थमाया जाता है जबकि उपभोक्ता को पूरी सामग्री देनी होती है। इस तरह की अन्य समस्याओं पर भी एसडीएम ने सभी संबंधित लोगों को बिल्कुल कायदे से समझा दिया है। इस दौरान एआरओ अखिलेश कुमार, एसएमआई राजीव सिंह आदि मौजूद रहे।

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