कोंच -उरई । भारतीय किसान यूनियन किसानों की कर्ज माफी को लेकर जहां एक ओर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के फैसले का स्वागत कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ इस तरह की कर्ज माफी को बुंदेलखंड के किसानों के लिये नाकाफी मान रही है। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा है कि बुंदेलखंड के किसानों की कर्ज माफी किसानों की जोत के हिसाब से न आंकी जाये बल्कि सारे किसानों का कर्ज एक कलम से पूरा का पूरा माफ किया जाये तभी यहां के किसानों की दशा कुछ सुधर सकती है। यह बात उन्होंने यहां एलएसएस जुझारपुरा में पत्रकारों से कही।
भाकियू अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि दरअसल किसानों की कर्ज माफी का मुद्दा बुंदेलखंड के किसानों की हालत देखकर ही भाजपा के संकल्प पत्र में रखा गया था और वायदे के मुताबिक सरकार ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में किसानों की कर्ज माफी का ऐलान करके स्वागत योग्य कदम उठाया है, लेकिन छोटी और बड़ी जोत जैसे शब्दों में किसानों को बांध कर देखना ठीक नहीं है। बुंदेलखंड की अधिकांश जोत ऊबड़ खाबड़ है एवं दैवीय वर्षा पर निर्भर है, इसे ध्यान में रखते हुये उत्तर प्रदेश जोत सीमा अधिनियम 1971 में बुंदेलखंड के किसानों की असिंचित की जोत सीमा को 18 एकड़ के बजाये ढाई गुना अर्थात् 45 एकड़ रखी गई है। मतलब बिल्कुल साफ है कि बुंदेलखंड में शेष प्रदेश के सापेक्ष ढाई गुना कम उत्पादकता है। कानूनन यहां के बड़े किसान भी अन्य प्रदेश के मुकाबले लघु और सीमांत किसानों से भी गये गुजरे हैं तभी तो बुंदेलखंड के सरकारी अनुदान वापस हो जाते हैं। ऐसे में बुंदेलखंड के समस्त किसानों की लघु एवं सीमांत जैसा वर्गीकरण खत्म कर सभी किसानों का पूरा कर्ज माफ किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन और ज्ञापनों के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय का ध्यान इस ओर खींचने के प्रयास चल रहे हैं और निकट भबिष्य में भाकियू का एक प्रतिनिधि मंडल सीएम योगी से मुलाकात कर अपनी बात पूरी जोरदारी के साथ रखेगा। किसान आंदोलित है और खुद को ठगा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों के साथ इन्साफ किया जाये वरना बुंदेले किसान अपने साथ अपनाये जाने बाले दोहरे मापदंड को शायद ही बर्दाश्त कर पायें। इस दौरान रामलखन इटा, तहसील अध्यक्ष चतुरसिंह, श्यामसुंदर, रामप्रताप, शारदा मास्टर, रामस्वरूप, डॉ. पीडी निरंजन, भगवानसिंह, केदारनाथ, प्रतापसिंह डाढी, जयराम सिंह, हरीराम, कौशल किशोर सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।

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