उरई। निरीह जनता के प्लाटों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रदेश का नया निजाम चुनाव

 

के समय से ही हुंकार भरता रहा है। उम्मीद यह की जा रही थी कि इस प्रतिबद्धता के कारण नई सरकार में अवैध कब्जे करने वालों की तबियत दुरुस्त करने में पुलिस और प्रशासन कोई कसर नही छोड़ेगी। लेकिन पुलिस हम नही सुधरेगें की तर्ज पर काम करते हुए योगी सरकार की मंशा को मुंह चिढ़ाने में लगी है।
बुधवार को जिलाधिकारी से फरियाद करने आईं कालपी के मोहल्ला रामचबूतरा की निवासिनी उर्मिला पत्नी मोतीलाल ने बताया कि उन्होंने देवकली निवासी ईश्वरीदीन से 21 जून 2016 को एक प्लाट खरीदा था जिस पर देवकली के ही एक दबंग रामनारायण ने कब्जा करने का दुस्साहस शुरू कर दिया। उन्होंने उसकी बदनीयती को विफल करने के लिए सिविल कोर्ट में केस दायर करके 14 फरवरी 2017 को रामनारायण के विरुद्ध स्टे हासिल कर लिया।
लेकिन पुलिस की मिली भगत से रामनारायण ने अपने बेटे के साथ उसके प्लाट के एक हिस्से पर कब्जा करके जबरन निर्माण करा लिया। उसने इसमें कालपी कोतवाली के एसआई महेश चैधरी की शह का हवाला देते हुए जिला मुख्यालय पर पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की। लेकिन न तो उन्होंने मौजूद सरकार की मंशा को महत्व दिया और न ही अदालत के आदेश की आज्ञाकारिता दिखाई। उसकी शिकायत जांच के चक्रव्यूह में उलझा कर उसे बहला दिया गया है। जिलाधिकारी के नाम संबोधित अपने शिकायती पत्र को सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार मिश्रा को सौंपते हुए उर्मिला ने उनसे गुजारिश की कि इस मामले में उसके साथ हुए अन्याय के प्रतिकार के लिए सार्थक आदेश पारित किया जाये और एसआई महेश चैधरी को समुचित दंड दिया जाये। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रभावी और त्वरित जांचकर परिणामकारी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
फोटो नं.-12उरई01

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