
माधौगढ़-उरई। आरटीआई कार्यकर्ता राहुल त्रिवेदी द्वारा सूचना के अधिकार के हथियार से नगर पंचायत के भ्रष्टाचार पर किया गया धारदार हमला अपने परिणाम में नजीर बन सकता है। उनकी मुहिम से नगर पंचायत ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले बेनकाब होने से शहर के सामाजिक और राजनैतिक गलियारों में हलचलें तेज हैं।
राहुल त्रिवेदी ने कहा कि आरटीआई के प्रतिउत्तर में उनको मिलने वाली सूचनाओं से साफ हो जायेगा कि नगर पंचायत में पिछले पांच सालों में जो बजट खर्च हुआ है उसमें केवल 25 प्रतिशत कामों में लगा है जबकि 75 प्रतिशत ठेकेदार और चेयरमैन की जेब में चला गया।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज दबने वाली नही है। वे प्रमाणित सूचनाओं के आधार पर नगर पंचायत के क्रिया कलापों की जांच के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास तक अपनी गुहार पहुंचायेंगे। चेयरमैन को अभी तक जिला स्तर पर शिकायतें मैनेज कर अपना दामन बचा लेने की महारथ रही है। लेकिन अब उनके सारे दांव-पेंच भौथरे साबित होगें। जिला स्तर पर उनको भ्रष्टाचार में बंदर बांट के बदले संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भी खाट योगी सरकार खड़ी करने में नही चूंकेगी।






Leave a comment