उरई। हाईटेंशन लाइन के तार आपस में टकरा जाने से छूटी चिंगारी खेत में रखे टूटे कुम्हेड़ों पर गिर गई। जिससे तेज आग भड़क उठी। 22 बीघा खेत की पांच लाख रुपये की कुम्हेड़े की उपज इसकी भेंट चढ़ गई।


बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण आये दिने विद्युत जनित हादसे होते हैं। सिरसाकलार थाने के जरारा खुर्द गांव से निकली हाईटेंशन लाइन के तार तेज हवा के चलते आपस में टकरा गये। बताया जाता है कि हाईटेंशन लाइन के तारों को टकराने से रोकने के लिए सैफ्टी एगिंल लगाने पर भारी भरकम बजट खर्ज होता है लेकिन विभाग के अभियंता खा-पीकर सब बराबर कर देते हैं।
बहरहाल लाइनों के टकरा जाने से उड़ी चिंगारियां सर्वेश कुमार के खेत में बाजरे की करब के नीचे दबाकर रखे गये कुम्हेंड़ों पर गिर गई। कुम्हेंड़ों का भाव ठीक न होने के कारण लगभग तीन ट्रक की उपज सर्वेश कुमार ने रोक कर रखी थी। लेकिन उन्हें नही मालूम था कि उनकों इसके चलते लेने के देने पड़ने वालें हैं।
सूखे कुम्हेड़ें और गर्मी का मौसम होने से हाईटेंशन लाइन की चिंगारियां बड़ी आफत का सबब बन गईं। देखते ही देखते पूरी उपज में आग फैल गई और तेज लपटें उठने लगीं। ग्रामीणों ने नलकूंप चलाकर किसी तरह आग पर काबू पा लिया वरना इसकी जद में बगल में 100 बीघा के लगभग गेंहूं की सूखी फसल भी आ जाने वाली थी। इसके बावजूद सर्वेश कुमार का इस अग्निकांड में पूरी तरह सत्यानाश हो गया। पांच लाख की चपत लगने से वे और उनका परिवार बदहवास हालत में हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उन्हें राहत के लिए सहायता दिलाने की मांग की है।

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