उरई । मासूम के साथ दुष्कर्म का प्रयास करते भीड़  द्वारा दबोचे गए अभियुक्त को अदालत ने दोष सिद्ध कर 4 साल के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना डाली ।

बात जून 2014 की है जब अभियुक्त मिथुन जयहिंद टाकीज़ के पास से एक बच्ची को फुसला कर ले आया और पुरानी  जी आई सी के खंडहर में पहुँच कर  इस वहशी ने मासूम के साथ गलत हरकत शुरू कर दी जिससे घबरा कर  बच्ची चीखते हुए उसके चंगुल से छूट कर दौड़ पड़ी । संयोग से राहगीरों ने बच्ची की चीख सुन ली और उन्होने भागने की कोशिश कर रहे मिथुन को धर दबोचा ।

पुलिस ने इस मामले में आई पी सी की सुसंगत धाराओं के साथ पास्को एक्ट की भी धारा लगा कर अभियुक्त का चालान कर दिया । ए डी जे द्वितीय  श्रीनाथ सिंह की अदालत में इसका मुक़दमा चलाया गया । गुरुवार को फ़ैसला सुनाते हुए उन्होने मिथुन को दोषी घोषित कर दिया और उसे  4 वर्ष के कारावास व 5 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुना दी । अर्थ दंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा ।

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