उरई । गोरखपुर कनेक्शन के कारण  महिला एस ओ को अपने 2 खास सिपाहियों समेत दंडित होना पड़ गया । एस पी ने तीनों को गत शाम पहले लाइन हाजिर किया था लेकिन पीड़ित के गोरखपुर कनेक्शन के मद्देनजर जब उन्होने भाँपा कि मामला हाई प्रोफ़ायल है तो आज तीनों को निलंबित कर दिया । पीड़ितों से हुई उगाही में एक स्वयंभू पत्रकार की भी भूमिका सामने आई थी । सी ओ सिटी ने इस छद्म पत्रकार को बुलवाकर टाइट  किया । उसके बयान के आधार पर महिला एस ओ , उनके सिपाहियों और तथाकथित पत्रकार के खिलाफ एक्सटोरशन का मुक़दमा कराये जाने के भी संकेत हैं ।

कुछ दिन पहले जिला परिषद के पास शाम को बाहर के कुछ युवक अपनी गाड़ी के अंदर सामने की दुकान से लेकर वियर पीने लगे थे । इसी दौरान महिला थाने की एस ओ रजनी मिश्रा गुजरीं । उन्हे ये युवक दिखाई पड़ गए । अच्छा शिकार समझ कर महिला एस ओ ने अपनी जीप रोक दी और सिपाहियों से वियर पी रहे चारों युवकों को उनकी गाड़ी से खिंचवा लिया । उनका थप्पड़ लातों से ट्रीटमेंट किया जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा माल देने के लिए आतंकित किया जा सके । पकड़े युवकों में कुछ सरकारी कर्मचारी थे जिन्हे गिरफ़्तारी होने पर नौकरी ख़तरे में आने का अंदेशा था । इसलिये 2 लाख की ऊँची बोली के साथ सौदेबाजी शुरू हुई और 34 हजार पर मामला फ़ाइनल हो गया लेकिन पकड़े गए 4 युवकों पर सब मिला कर भी इतने पैसे नहीं निकले । इस बीच पत्रकार बन कर पुलिस को शिकार में मदद करके अपनी रोजी रोटी चलाने वाला एक दलाल प्रकट हो गया । उसने अपने मोबाइल से नेट बैंकिंग के जरिये युवकों के खाते से रुपया वसूल करा दिया ।

पुलिस के हाथों लुटे इन युवकों में एक गोरखपुरिया था । उसने घर पहुँचते ही रोना रोया तो फौरन डीजीपी को सीधे जाँच का फर्मान पहुँचाया गया । डी जी पी के यहाँ से जाँच आई फिर भी अधिकारी  खरामा- खरामा ही चल रहे थे । मामला कितना संगीन है इसका एहसास जिले के अधिकारियों को तब हुआ जब झाँसीं के कमिश्नर ने इस पर उनके पेंच कसे । जाहिर है कि पुलिस की स्लो मूवी शासन को रास नहीं आई जिसकी वजह से कमिश्नर के चैनल से काम कराया गया । इसके बाद महिला एस ओ और दोनों सिपाहियों पर निलंबन की गाज गिरा दी गई है । पत्रकार साहब का सी ओ सिटी ने इतना सत्कार कर दिया है कि भविष्य में वे  खुदाई ख़िदमतगार बनने की सोचेंगे तक नहीं ।

 

 

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