उरई। तीन साल में डिपोजिट दूना करने का लालच देने वाली फर्जी पैरा बैकिंग कंपनियां गरीबों की मेहनत का पैसा हड़पकर तमाम परिवारों को बर्बाद कर चुकीं हैं। लेकिन समय पर प्रशासन द्वारा अपनी जेबे गरम करके इनकी अनदेखी की जाने से इस धोखाधड़ी का जाल टूट नही पा रहा।
इसी कड़ी में ग्रीन इंडियां नाम की एक चिटफंड कंपनी का किस्सा भी सामने आ गया है। यह कंपनी लंबे समय से लोगों को झांसा देकर गैरकानूनी तरीके से उनसे डिपोजिट करा रही थी। जब उनके द्वारा की गई तथाकथित एफडी का भुगतान समय पूरा हो जाने के बाद भी देने में आनाकानी की जाने लगी तो लोगों ने सक्षम अधिकारियों और पुलिस के पास जाकर कार्रवाई के लिए गुहार लगाई लेकिन अधिकारी पहले तो इसमें आनाकानी करते रहे। पीड़ितों के इस बीच माननीयों के पास पहुंच जाने के बाद जब उनके नाराजगी भरे फोन कोतवाल के पास आये तो अब इस मामले में पीड़ित सत्यप्रकाश की ओर से ग्रीन इंडिया के स्थानीय कर्ताधर्ता अनिल तिवारी, उसकी पत्नी किरन तिवारी और पुत्र महेश तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने आदि अपराध की धाराओं में मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया गया है।







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