उरई। गैरकानूनी बैकिंग से जुड़े लोगों के प्रति पुलिस कितनी नरमी बरतती है जालौन कोतवाली पुलिस ने सोमवार को इसका एहसास कराया। एक फर्जी बैकिंग कंपनी के शोषण के शिकार पीड़ित की तहरीर को उसने यह कहते हुए दर्ज करने से मना कर दिया कि पहले जांच होगी तब मुकदमा दर्ज करने का फैसला किया जायेगा।
मोहल्ला चुर्खीवाल निवासी अशोक कुमार ने अज्ञानतावश ज्यादा ब्याज के लालच में सहारा कंपनी में पैसा जमा करा दिया था लेकिन जब उसे लगा कि मूलधन भी वापस होने के लाले पड़ने वाले हैं तो वह व्याकुल होकर किसी तरह एजेंट से कोशिश कर रहा था कि वह पसीज जाये और उसकी मदद कर दे।
इसी क्रम में सोमवार को सिद्धार्थ मार्केट में अचानक अशोक कुमार से सहारा के एजेंट दिलीप यादव टकरा गये। अशोक कुमार अधीर तो थे ही उन्होंने देखते ही दिलीप कुमार से तगादा शुरू कर दिया इससे चिढ़कर दिलीप कुमार ने मारपीट करते हुए उनसे तमाम गाली-गलौज की। पैसा गंवाने और अपमानित होने की पीड़ा लेकर जब वह कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी कोई मदद करने की बजाय कहा कि तहरीर पर जांच होगी इसके बाद फैसला लिया जायेगा कि मुकदमा लिखा जाये या नही।







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