उरई। जून 2012 में कस्बा जालौन में चाकूबाजी के दौरान एक युवक के बुरी तरह जख्मी होकर मौत के मुहाने पर पहुंच जाने के मामले में जिला जज की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुना दिया। इसमें चार अभियुक्त नामजद थे। जिनमें से एक मुख्तार को दोष सिद्ध किया गया है जबकि तीन अन्य अभियुक्त बरी कर दिये गये हैं।
उक्त घटना 12 जून 2012 को रात 8 से 9 बजे के बीच हुई थी। जिसमें मुनीम के पेट में चाकू घोपा गया था। इससे वह इतनी संगीन हालत में पहुंच गया था कि उसे इलाज के लिए कानपुर ले जाना पड़ा था जहां वह कई दिन तक अचेत हालत में रहा था।
इस मामले में मुनीम के पिता ने मुख्तार, असगर, अनवार और पप्पू डाॅन निवासीगण मुरली मनोहर मोहल्ला जालौन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिला जज प्रदीप कुमार कंसल ने आज इसमें फैसला सुना दिया। दोषी करार दिये गये मुख्तार को इस मामले में सात वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।







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