उरई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती का असर अधिकारियों और कर्मचारियों पर दिखाई देने लगा है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के निरीक्षण में भी अनुपस्थित कर्मचारियों की संख्या में कमी आ रही है। शासकीय नुमाइदें अब हाजिरी को लेकर सजग है। जिन स्थानों पर बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम है। वहां भी मशीन से हाजिरी के साथ ही रजिस्टर पर भी हाजिरी लगवाई जा रही है।

गुरुवार को  शासकीय कार्यालयों में हाजिरी की पड़ताल की। कलेक्ट्रेट को छोड़ दें तो अधिकांश शासकीय कार्यालयों में अभी भी रजिस्टर पर हाजिरी लग रही है। शैक्षिक संस्थानों में भी बायोमीट्रिक हाजिरी के निर्देश है। इसके बाद भी अधिकांश कालेजों में अभी यह व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकी है। कलेक्ट्रेट में लगी दो मशीनों में भूलेख, खाद्य एवं आपूर्ति, खनन आदि विभागों के कर्मियों की उपस्थिति दर्ज होती है। लेकिन हैरत की बात ये है कि जब कोई अफसर कलेक्ट्रेट का निरीक्षण करता है, तो अक्सर कर्मी नदारत मिलते है। वहीं अन्य दफ्तरों में भी औचक निरीक्षण में भी कर्मचारी नदारत मिलते है। कलेक्ट्रेट में लगी बायोमीट्रिक हाजिरी बहुत ज्यादा मायके नहीं है। क्योंकि अभी वेतन इसके आधार पर बनना शुरू नहीं हुआ है।


अफसरों की नहीं लगती कोई हाजिरी

बायोमीट्रिक मशीन में कर्मचारियों की हाजिरी तो लगती है, लेकिन इस मशीन में अफसरों की हाजिरी का अभी तक सरकार की ओर से कोई शासनादेश नहीं है। ऐसी स्थिति में दफ्तरों में अफसर कब आते है और कब जाते है। इसकी सही स्थिति का पता नहीं चल पाता है।

 

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