कोंच-उरई । गुजरे साल 2016 में नदीगांव विकास खंड के ग्राम सलैया बुजुर्ग में राज्य वित्त और मनरेगा के तहत लगभग चालीस लाख की रकम से चौदह निर्माण कार्य कराये गये थे। इन कामों को कागजी बताते हुये गांव के ही दो लोगों द्वारा शासन स्तर तक पहुंचाई गई शिकायतों पर शासन ने गंभीरता से संज्ञान लेकर इनकी जांच कराने के लिये जो तीन सदस्यीय जांच टीम लखनऊ से भेजी गई थी उसने दो दिनों में सभी कामों की जांच पूरी कर ली है। टीम के एक अधिकारी ने बताया है कि पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। इधर, शिकायत कर्ताओं ने सारी स्थिति को लेकर बताया है कि जब यह शिकायत की गई थी तब कागजों पर काम दिखा कर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया था लेकिन जांच की सुगबुगाहट के बाद जल्दबाजी में कुछ काम लमसम करा दिये गये हैं।
गुजरे साल नदीगांव विकास खंड के ग्राम सलैया बुजुर्ग में मनरेगा और राज्य वित्त की निधि के लगभग चालीस लाख रुपये की राशि से कराये गये कामों में भारी घपला किये जाने का जिन्न अब जाकर बोतल से बाहर आया है। सभी कामों की जांच के लिये लखनऊ से आई तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को अपनी जांच का काम पूरा कर लिया है। टीम के गांव पहुंचने के बाद उन लोगों की हवा शंट है जिन्होंने सरकारी धन का बंदरबांट किया था। अब उनकी नजरें उक्त रिपोर्ट पर टिकीं हैं जो जांच टीम ने बना कर शासन को भेजने की बात कही है। लोगों की अगर मानें तो इस कांड में कईयों की गर्दन नपने की पूरी संभावना है। गौरतलब है कि सलैया गांव के ही दो लोगों ने इस पूरे मामले की शिकायत शासन तक भेजी थी जिसके चलते लखनऊ से तीन सदस्यीय टीम कार्यों का भौतिक सत्यापन और टीएसी जांच करने आई थी। गुरुवार को टीम ने दस कच्चे कामों की नापजोख की थी, जबकि आज शुक्रवार को चार पक्के कामों की जांच भी पूरी कर ली गई है। अब यह उस रिपोर्ट जो जांच टीम शासन को भेजने बाली है, को तय करना है कि कामों में घपला है या फिर बंदरबांट करने बाले काकस को क्लीन चिट मिलती है। टीम के सदस्य प्राविधिक परीक्षक आरपी चौधरी ने बताया है कि जांच का काम पूरा कर लिया गया है लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकती है, इसे शासन को भेजा जा रहा है।
जांच टीम ने आने में देरी कर दी
 ग्राम सलैया बुजुर्ग निवासी अर्जुन सिंह कौरव व जुझारसिंह ने पिछले साल 2016 में शिकायत की थी कि उनके गांव में मनरेगा और राज्य वित्त की निधि से तकरीबन चालीस लाख के काम कराये गये थे जिनमें तमाम काम केवल कागजों पर ही हुये थे। लगभग एक साल बाद जब शिकायत की जांच का नंबर आया है तब स्थिति बदली सी दिख रही है। मौजूदा स्थिति को लेकर शिकायत कर्ता अर्जुन सिंह का कहना है कि जांच टीम ने आने में खासी देरी कर दी है। मामले की जांच की सुगबुगाहट सुनते ही गोलमाल करने बालों ने जल्दबाजी में कुछ काम कागजों से धरातल पर उतार डाले हैं। अब देखने बाली बात यह होगी कि जांच टीम अपनी रिपोर्ट क्या देती है।

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