कोंच-उरई ।

तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण फाकाकशी की नौबत पर पहुंचे तहसील कर्मियों का धैर्य आज उस वक्त जबाब दे गया जब तहसील के संग्रह विभाग में कार्यरत एक संग्रह अनुसेवक ने संग्रह कार्यालय में बैठे एडब्ल्यूबीएल (सहायक बासिल वाकी नबीस) को जमकर खरी खोटी सुनाईं। अनुसेवक इतने तैश में था कि उसने संसदीय मर्यादाओं तक का ध्यान नहीं रखा। हालांकि का कहना है कि उसने दो माह की वेतन बना कर ट्रेजरी में भेज दी थी जो वहीं पर अटकी है।
तहसील कोंच में कार्यरत कर्मचारियों जिनमें अमीन और लेखपाल सभी शामिल हैं, को अभी तक वेतन के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं नसीब हुई है जबकि तीन माह होने को जा रहे हैं। वेतन नहीं मिल पाने के कारण कर्मचारी किसी प्रकार अपने घर परिवार की गाड़ी खींचने में लगे हैं। इस स्थिति को लेकर पिछले कई दिनों से कर्मचारियों में गुस्सा देखा जा रहा था लेकिन कहे कौन के कारण मौन की स्थिति बनी रही। शुक्रवार को एडब्ल्यूबीएन अफसर हुसैन अपने संग्रह कार्यालय में बैठे थे तभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संग्रह अनुसेवक मनीष अहिरवार वहां पहुंच गया और वेतन को लेकर एडब्ल्यूबीएन से उलझ बैठा। मनीष ने अफसर को जमकर खरी खोटी सुनाईं, इस नोंक झोंक का मजा लेने के लिये वहां तमाशबीनों की भी काफी भीड़ लग गई। मनीष इतने गुस्से में था कि उसने अफसर को खरी खोटी सुनाने में संसदीय मर्यादाओं की सभी सीमायें तक तोड़ डाली और बेचारे अफसर उसका मुंह ही ताकते रहे। बाद में अफसर से जब वेतन नहीं बनने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने दो माह का वेतन बना कर ट्रेजरी को भेज दिया है, अब अगर वह ट्रेजरी में लटक गया है तो वह क्या कर सकते हैं। मजेदार तो यह है कि अफसर और मनीष के बीच होने बाली नोंक झोंक में अन्य कर्मचारी भी पूरा मजा लेने में लगे थे।







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