
कोंच-उरई । एसडीएम मोईन उल इस्लाम और तहसीलदार भूपाल सिंह ने गुरुवार को लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों के साथ आपात बैठक करते हुये उन्हें ताकीद की है कि राजस्व संहिता उनके लिये गीता के समान है, उसके प्रावधानों को अंगीकार करते काम करें और जो भी अविवादित विरासत के मामले हैं उन्हें राजस्व संहिता में उल्लिखित प्रपत्रों के माध्यम से अपनी सूचनायें दर्ज करें। राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों के लिये यह जान लेना बहुत जरूरी है कि अब जमींदारी उन्मूलन एक्ट गुजरे जमाने की बातें हो गईं हैं और राजस्व संहिता 2006 और संशोधित 2015-16 के अनुसार ही काम करें। इस संहिता की धारा 31(4)में स्पष्टï है कि विरासत दर्ज करने के बाद खतौनी की प्रमाणित प्रति संबंधित व्यक्ति को उपलब्ध कराना राजस्व निरीक्षक की जिम्मेदारी है। राजस्व संहिता के मुताबिक संक्रमणीय भूमिधर की सूचनायें प्रपत्र-9 तथा असंक्रमणीय भूमिधर की प्रपत्र-10 में दर्ज कर रिपोर्ट तैयार करें।
तहसील सभागार में आयोजित इस बैठक में तहसीलदार भूपाल सिंह ने कहा कि चकरोड, नाली, खाद के गड्ढे और तालाबों समेत ग्राम समाज की जिस किसी भी संपत्ति पर जितने भी अतिक्रमण हैं उन्हें एक सप्ताह में हटवाना सुनिश्चित करें। निर्विवाद विरासत दर्ज करने में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इसके लिये अभियान चला कर 1 से 15 मई तक यह काम पूरा कर लें और हर रोज की प्रगति हर रोज कार्यालय में दें। मिन जुमला और सहखातेदारों के अंश विभाजन का काम भी अधिकतम दस दिन में निपटायें।विरासत यदि विवादित है तो तहसीलदार को रिपोर्ट करें इस काम में उदासीनता के लिये कानूनगो और लेखपाल सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। जिला स्तरीय टीमें इनके सत्यापन के लिये गठित की जा रहीं हैं और जिलाधिकारी महोदय स्वयं भी मॉनीटरिंग करेंगे, इस दौरान ऐसे कोई मामले सामने आये तो लेखपाल और कानूनगो तो नपेंगे ही, तहसील के अधिकारियों की भी जबाबदेही होगी। उन्होंने तहसील दिवसों की लंबित पड़ी शिकायतों के निस्तारण पर जोर देते हुये दो दिन में निपटा लेने की कड़ी हिदायत दी, इसकी समीक्षा खुद डीएम करेंगे। इस दौरान प्रेमनारायण मिश्रा, प्रेमकिशोर निरंजन, रामकुमार निरंजन, रंछोर यादव,प्रमोद पाठक, कमलकांत शिवहरे, आरआई राजेन्द्र दूरवार, बलराम निरंजन, अमरसिंह, कृष्णपाल सिंह, बलवानसिंह, राजेन्द्र वर्मा, दिलीप, चंद्रप्रकाश साहू, आकाश, नरेन्द्र, ब्रजराज, रामविहारी राठौर, सुरेन्द्रसिंह, मुलूप्रसाद, नरेन्द्रकांत, अंकिता, संजना, हेमलता, आरती, कौशलकिशोर, याज्ञवल्क्य त्रिपाठी, केशकुमार मिश्रा, दिनेश मिश्रा, चंद्रप्रकाश साहू, हरीशंकर, नरेन्द्रसिंह, नरेन्द्र गुप्ता, ब्रजराजसिंह, रमेश, महेश, काशीप्रसाद, अभयकुमार, अशोक राजपूत, संतराम पाल, लाखनसिंह, सुयश पाठक आदि मौजूद रहे।






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