उरई । जिले में मानक से अधिक हैंडपंप होने के बावजूद कहीं धूप कहीं छाया का माहौल है । तमाम बदनसीब गाँव और मोहल्ले के बाशिंदे इसके चलते चिलचिलाती धूप में अधिकारियों की चौखट पर पसीना बहाने को मजबूर नजर आ रहे हैं ।

जिले में हैंड पंप लगाने में अंधा बाँटे  रेवड़ी चीन्ह- चीन्ह कर देय की नीति अपनाई गई जिससे जरूरतमंद अभी भी एक अदद हैंड पंप के लिए भटक रहे हैं । तहसील क्षेत्र के चौरसी गाँव के पडुरी मौजे के कृष्णानंद , राम पाल , सीताराम आदि ने गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दे कर बताया कि उनके यहाँ जहाँ वे रहते हैं 300 मीटर तक कोई हैंड पंप नहीं है । गर्मी में दूर से पानी लाने में उन लोगों का दम निकल जाता है । वे अपनी जरूरत का पानी भरने में ही पस्त हो जाते हैं लेकिन मवेशियों की भी तो प्यास बुझानी होती है । ऐसे में मवेशियों को प्यास से तड़प कर मरते देखने की वजाय उनके सामने एक ही विकल्प रह जाता है कि वे अपने मवेशी छुट्टा कर दें ।

उन्होने कहा कि प्रशासन अगर उनकी बस्ती में हैंड पंप लगवा दे तो ही वे दुधारू पशुओं को रख पाएगे । उनकी दशा पर हमदर्दी जताते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार मिश्रा ने उन्हे हंड पंप लगवाने में मदद का भरोसा दिलाया ।

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