उरई । सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते । रामपुरा विकास खंड की जगम्मनपुर ग्राम पंचायत के युवा प्रधान राहुल मिश्रा पर यह कहावत खरी उतरती है ।

राहुल कुछ वर्षों पहले  जब कम उम्र की वजह से नादान थे उस समय उन्हे जुआ खेलने का चस्का लग गया और इसकी तलब मिटाने के लिए जहाँ भी अड्डा जमने की जानकारी उन्हे मिलती वे ललक कर पहुँचते थे भले ही कितनी भी दूर जाना पड़े लेकिन जैसे ही उन्हे समझदारी आई उन्होने जुआ खेलने  में समय बर्बाद करने की वजाय समाज सेवा का वीड़ा उठा लिया । गत चुनाव में उनके मददगार स्वभाव की वजह से गाँव वालों ने उन्हे भारी बहुमत से प्रधान चुन लिया ।

इस पद पर गरिमा का नया इतिहास रचने के लिए वे जग्म्मनपुर पंचायत को जिले की सबसे आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के जतन में रात दिन एक किए हुए हैं । वे चाहते हैं कि उनके गाँव में कोई आदमी जुआ न खेले , शराब न पीए , झगड़ा न करे । इस मकसद के लिए दिन भर वे कोशिश में जुटे रहते हैं ।

पर नेकी की राह इतनी आसान नहीं होती । उन्हे महसूस हुआ कि उनके अतीत की वजह से लोग जुआ न खेलने की उनकी सलाह पर कान देने को तैयार नहीं है तो बेचैन हो कर गुरुवार को पुलिस कार्यालय पहुँच गए जहाँ उन्होने अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य को लिखित ज्ञापन सौंप कर उनसे याचना की कि उन्हे पिछली करनी के लिए चाहे जो सजा दे दी जाये लेकिन पुलिस उनके गाँव में जुआ पर पूरी तरह रोक के प्रयास में उनका साथ दे । अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रधान की भावना की सराहना करते हुए पुलिस से उनकी पूरी मदद का आश्वाशन दिया ।

 

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