
उरई । पेयजल टंकियों की कागजी मरम्मत और पुताई के नाम पर हड़पे जा रहे बजट को ले कर डी एम ने रिपोर्ट तलब कर ली है जिसके बाद जल संस्थान में स्यापा शुरू हो गया है । आशंका है कि इस घोटाले की तह में कई वर्षों से चल रहे लाखों के गबन का भंडाफोड़ होगा ।
जिले में जल संस्थान की 76 टंकियाँ हैं जिनको पूरे प्रेशर से आपूर्ति के लिए बनवाया गया है । लेकिन कई वर्षों से इन टंकियों का कोई उपयोग व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से नहीं हो पा रहा है । इसकी बजाय हर इकाई नलकूप से सीधे आपूर्ति देती है । जिलाधिकारी के संज्ञान में जब यह बात लायी गई कि निष्प्रयोज्य पानी की हर टंकी के रख रखाव के नाम पर प्रत्येक साल 20 -20 हजार रुपये निकाल कर इंजीनियर डकार रहे हैं । इसके अलावा टंकियों की पुताई का खर्चा अलग निकाला जाता है । इस फर्जीवाड़े से खफा डी एम ने जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता से फोन पर जवाब तलब किया तो उनकी आवाज चली गई ।
डी एम ने साफ़ कह दिया है कि मुझे इस बारे में सही रिपोर्ट चाहिये । अगर आँखों में धूल झोंक कर इस तरह सरकारी पैसे की लूट हो रही है तो वे किसी को बख्शेंगे नहीं । संबंधितों को एफ़ आइ आर दर्ज करा कर जेल भेजा जायेगा ।






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