
उरई । श्रम विभाग की कार्यवाही में तीन बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया ।
इन्हे 20रुपये मात्र की रोजंनदारी की रोजनदारी दी जा रही थी । बाल मजदूरों को उनकी उम्र की तसदीक़ के लिए मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है जिसके बाद उनको सुरक्षित उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया जायेगा । उनकी पढ़ाई और पुनर्वास में विभाग उनकी मदद करेगा ।
बाल मजदूरी कराने की बार –बार दी जा रही हिदायतों के वाबजूद लोग बच्चों को नौकरी पर रखने से बाज नहीं आ रहे । श्रम विभाग ने इसके ख़िलाफ़
कड़ा रूख़ अख्तियार कर लिया है । नतीजतन शनिवार को श्रम अधिकारी आशीष अवस्थी ने शहर के व्यापारिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अचानक चेक कर लिये । आपे कंपनी में काम कर रहे मासूम रमेश ने जब यह बताया की उसे पूरे दिन काम के बदले केवल 20 रुपये मजदूरी दी जाती है जबकि दिन भर काम पर ही जुते रहने की वजह से वह स्कूल मुँह नहीं देख पाता तो श्रम अधिकारी ने बेहद नाराजगी जताई । उन्होने कहा कि वे बच्चों को मजदूरी पर रखने से बाज न आने वालों के ख़िलाफ़ एफ़ आइ आर भी दर्ज करायेंगे ।






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