जालौन-उरई । तहसील में दस्तावेजों का सही रखरखाव न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये तहसीलदार को 15 दिन का मौका दिया। पुनः निरीक्षण में अगर खामियां मिली तो कार्यवाही की जायेगी। कर्मचारियो की उपस्थिति को भी उन्होने चेक किया ।
जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण से तहसील में हडकम्प मच गया। जिलाधिकारी ने राजस्व संबंधी सभी दस्तावेजों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने खतौनी, भू अभिलेख, पटटा आदि की फ़ाइलों को खंगालातथा प्रत्येक पटल का निरीक्षण किया। तहसील के दस्तावेजो का सही रख रखाव न होने पर कडी नाराजगी व्यक्त करते तहसीलदार सतीश वर्मा को कडी फटकार लगाते हुये कहा कि काम में तेजी लाओ, लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी। तहसील के सारे दस्तावेज 15 दिन में सुचारू हो जाना चाहिये। 15 दिन बाद निरीक्षण मे कोई खामी नही मिलनी चाहिये। इसके बाद उन्होने कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर को देखा और प्रत्येक कर्मचारी को बुलाकर उपस्थिति देखी। निरीक्षण के बाद उन्होने पत्रकारो को बताया कि तहसील मे दस्तावेजो का रख रखाव सही नही पाया गया। 15 दिन की अतिम चेतावनी दी गयी है।






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