कोंच-उरई । जालौन-गरौठा-भोगनीपुर के भाजपा सांसद भानुप्रताप वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  का जनप्रतिनिधियों की गाडिय़ों से लालबत्ती हटवाने का मंतव्य बिल्कुल साफ है कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि जनता ही वीआईपी है और जनता की भलाई करने के लिये किसी लाल-पीली बत्ती की जरूरत नहीं है। यह बात उन्होंने आज अपने आवास पर अपनी गाड़ी पर लगी लालबत्ती हटाने के बाद पत्रकारों से कही। उन्होंने खाली पड़े तालाबों और पानी के लिये भटक रहे मवेशियों को लेकर भी कहा कि जो नहरें 6 मई से चालू होनी थीं वे अब 2 मई से चालू कराईं जा रहीं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के फरमान के बाद शनै: शनै: खत्म होते जा रहे बीआईपी कल्चर के बीच रविवार को इलाकाई सांसद भानुप्रताप वर्मा ने भी अपनी गाड़ी पर लगी लालबत्ती खुद ही नोंच फेंकी है। सांसद का कहना है कि उनके नेता ने लालबत्ती कल्चर को खत्म कर पार्टी के जनप्रतिनिधियों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वास्तव में लोकतंत्र में वीआईपी तो जनता ही है, जनप्रतिनिधि तो उसके सेवक हैं जिन्हें उसने चुन कर इस लिये संसद और विधानसभा में भेजा है कि वे जनता की भलाई के लिये काम करें और उनको सुविधायें दिलाने के लिये प्रयास करते रहें। उन्होंने प्यासे भटक रहे मवेशियों को लेकर पूछे गये एक सवाल पर कहा कि यह बात उनके संज्ञान में है और जो नहरें 6 मई से चालू होनी थी वे अब 2 मई से चालू कराईं जा रहीं हैं ताकि तालाबों को भरा जा सके और मवेशियों की प्यास बुझ सके।

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