उरई। सफाई कर्मी द्वारा अपनाये गये लावारिस शिशु की दो दिन बाद ही पूरी देखभाल के बावजूद मौत हो गई। थाने पहुंचकर दुखी सफाई कर्मी ने जब यह जानकारी पुलिस को दी तो खाकी वाले भी द्रवित हुए बिना नही रह सके।
कानपुर-झांसी हाइवे पर बड़ागांव मोड़ के पास सोमवार को यह शिशु झाड़ियों में बरामद हुआ था। उस समय उसकी सांसे चल रहीं थी लेकिन शिशु तीन-चार दिन से अधिक का नही था। इसलिए उसे फौरन परवरिश की जरूरत थी। पशोपेश में जूझती पुलिस को उस समय दिलासा मिला जब बड़ागांव के सफाई कर्मी शिवदीन बाल्मीकि ने इस शिशु को अपनाने की इच्छा प्रकट की। शिवदीन की चार लड़कियां हैं इसलिए वह और उसकी पत्नी एक लड़के की तलबगार थी। उन्होंने लावारिस शिशु को अपने लिए ऊपर वाले का वरदान मानकर अपनाना चाहा तो पुलिस ने भी खुशी-खुशी प्रधान को बुलाकर शिशु को उसकी सुपुर्दगी में दे दिया।
शिवदीन और उसकी पत्नी बहुत लाड़-प्यार से दो दिन से उस शिशु को सहेज रहे थे। उनके घर में जैसे शिशु के आने से खुशियों की बारिश हो गई थी। लेकिन तभी मंगलवार की रात उन पर ऐसा कहर टूटा कि उनकी सारी खुशियां बिखर गईं। जब शिशु की तबियत अचानक बिगड़ गई और डाॅक्टर के पास ले जाते उसने दम तोड़ दिया।
बिलखते हुए शिवदीन ने एट थाने पहुंचकर पुलिस वालों को जब इस सूचना से अवगत कराया तो उसकी दशा देखकर थाने का माहौल भी गमगीन हो गया।

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