उरई। बीजों के मामले में किसानों के साथ धोखाधड़ी का जमाना बीत गया है। सूबे की नई हुकूमत ने प्रदेश की सभी सरकारी और गैर सरकारी 510 बीज गोदामों में भरे विभिन्न जिन्स के बीजों की प्रयोगशाला में परख कराने का फैसला लिया है। तांकि खराब बीज किसान को पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया जाये।
अतीत में किसानों के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज के नाम पर जबर्दस्त धोखाधड़ी हुई है। एक तो किसान कुदरत की मार से बर्बाद हो रहे थे। दूसरी ओर सरकारी तंत्र की मिली भगत से उनके साथ बीज में हो रही धोखाधड़ी खेती में मेहनत और पूंजी की बर्बादी का सबब बनी हुई थी। किसानों के साथ इस बर्ताव की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ने हर बीज गोदाम में मौजूद बीज की टैस्टिंग कराने का फैसला लिया है। इस क्रम में बुधवार को यहां पहुंचे कृषि राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह ने बेतवा सीडस गोदाम का निरीक्षण किया। इस गोदाम में मटर, गेंहूं और मसूर की 11 वैरायटी के बीज थे जिन्हें उन्होंने पहले आंखों से परखा इसके बाद प्रयोगशाला के लिए उनके नमूने भरवा दिये।
बेतवा सीडस के प्रोपराइटर रामराजा निरंजन और राजेश शुक्ला ने मंत्री जी को अपने गोदाम के बारे में जानकारी दी। मंत्री जी के साथ लखनऊ से आये पीपीसी और उपनिदेशक कृषि अनिल पाठक मौजूद रहे।





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