उरई । रामपुरा थाना क्षेत्र में 2 दिन पहले रात में सोते समय घर से गायब की गई 2 माह की बच्ची जंगली जानवार का निवाला बन जाने का अंदेशा जताया जा रहा है । पुलिस और वन विभाग की टीम सैंकड़ों ग्रामीणों की भीड़ के साथ बच्ची को ढूँढने के लिए हाँका लगाती रही । बच्ची का जिंदा , मुर्दा कोई निशान नहीं मिल पाया है लेकिन घर के पास ही टपकते खून के निशान गवाही दे रहे हैं कि मासूम को वहशी जानवर अपनी खुराक बना चुका है ।

ऊमरी नगर पंचायत निवासी राम संजीवन दोहरे की सहाव निवासी बहिन नारायणी कुछ दिन मायके में रहने के लिए उनके पास चलीं आयीं थीं । साथ में  उनकी 2 माह की बच्ची भी थी । सोमवार को रात में  वे बच्ची के साथ सकुशल सोयीं लेकिन अगले दिन जब वे जागी तो बच्ची नदारत थी । 2 माह की बच्ची कहाँ जा सकती है , इस पहेली को सारा घर पूरे दिन सुलझाता रहा लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं लगा ।

जब रात हुई तो राम संजीवन के बेटे को एक भेड़िया घर में दिखाई दिया । उसके चिल्ला पड़ने पर घर वालों ने भेड़िया को दौड़ा लिया लेकिन बाद में इसे लेकर सभी का माथा ठनका कि कहीं कोई जंगली जानवर तो बच्ची को नहीं उठा ले गया । ऊमरी से पचनद का बीहड़ लगा ही हुआ है । जबसे बीहड़ पेड़ों की कटान से वीरान हुआ है और सूखे की वजह से पानी की भी समस्या गहराई है तबसे रात में बीहड़ के खूंखार जानवर के बस्ती में घुस कर सोते हुए लोगों पर आक्रमण कर देने के किस्से हर साल होते हैं । इसलिये बच्ची किसी खूंखार जानवर के चंगुल में फंस जाने का अंदेशा अन्यथा भी नहीं है ।

जिले के उच्चाधिकारियों ने इसी कारण मामला संज्ञान में आने पर पूरी संवेदनशीलता दिखाई । उनके निर्देश पर ऊमरी पुलिस चौकी के इंचार्ज वीरेंद्र कुमार , हमराह सिपाही रवीन्द्र सिंह और गजेन्द्र व वन दरोगा बरकत अली की टीम सैकड़ों ग्रामीणों के साथ कस्बे से ले कर जंगल  तक में बच्ची की तलाश में काम्बिंग करते रहे । अंदाजा यही लगाया है कि जानवर के चंगुल में बच्ची जिंदा नहीं रह पायी है ।

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