
उरई । अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह के ताजा प्रहार को नजरअंदाज करते हुए कहा कि नेता जी उनके पिता हैं । हर पिता अपने बेटे को डाँटता है । इसमें कोई खास बात नहीं है । दूसरी ओर नेताजी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद वापस करने की संभावना पर अखिलेश ने सपा के संविधान की आड़ ली । बोले कि पार्टी संविधान की व्यवस्थाओं के कारण वे ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं हैं ।
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को अपनी सांसद पत्नी डिम्पल यादव के साथ जालौन जिले के कालपी कस्बे में पार्टी के एक स्थानीय कार्यकर्ता के निजी कार्यक्रम में शामिल हुए । वे समाजवादी रथ पर सवार हो कर कालपी पहुँचे । कालपी में आधा घंटे के अपने प्रवास के दौरान उन्होने पत्रकारों से भी बात की । रविवार को मुलायम सिंह ने कहा था कि उन्होने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला करके गलती की थी । अखिलेश ने इससे जुड़े सवाल को बहुत सफाई से झटक दिया । चाचा शिवपाल यादव द्वारा सेकुलर मोर्चा के नाम से नई पार्टी के ऐलान के बाद उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई को ले कर अखिलेश ने कहा कि अभी सेकुलर मोर्चा के गठन की बात उनके संज्ञान में नहीं है ।
अखिलेश ने प्रदेश की योगी सरकार पर तीखे प्रहार किए । उन्होने कहा कि जिस दिन निर्भया कांड पर सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया उसी दिन जालौन जिले में एक महिला के साथ 8 लोगों द्वारा गैंग रेप की वारदात सामने आ गई । सहारनपुर में जातीय दंगा हो गया । गोभक्ति के नाम पर अराजकता और गुंडागर्दी का नंगानाच प्रदेश भर में जारी है । क्या यह बेहतर कानून व्यवस्था के नमूने हैं । वे बोले कि गाय की सेवा तो वे भी कराते हैं लेकिन इसकी फोटो छपवाने की जरूरत उन्होने नहीं समझी । गोसेवा के दिखावे के लिए फोटो खिचवाने की बजाय गोवंश की सार्थक परवरिश की जानी चाहिये । बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा का विकल्प सामने लाया जाये जिससे गोवंश को लावारिस भटकने की हालत से छुटकारा मिल सके । उन्होने कहा कि योगी सरकार के 50 दिन पूरे होने वाले हैं । अभी तक इस सरकार ने एक भी नया काम नहीं किया है । जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में कालपी पहुँच कर उनका जोशीला स्वागत किया ।






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