
उरई । पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जिले में उनकी पार्टी के लोग खिन्न हैं । उन्हे इस बात का मलाल है कि उनके आने से जाने अनजाने में जिसका महिमा मंडन हुआ उसने हमेशा सपा का विरोध किया है । सपा से अभी भी उसे कोई लगाव नहीं है जिसके कारण उसने अपने यहाँ सपा के जिले के किसी नेता को न्यौता तक नहीं भेजा । लेकिन अपने नेता के जलवे को कायम रखने के लिए फिर भी वे बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना बन कर पहुँचे और अपमानित हुए । उनकी उपेक्षा का सबसे ज्यादा दंश पूर्व विधायक दयाशंकर वर्मा को झेलना पड़ा जब उन्होने धूप में सबेरे से कालपी पुल पर खड़े दयाशंकर की ओर देखना तक गवारा नहीं किया ।
नेताजी के मुँह से अखिलेश के चापलूसों में घिर जाने की बाते सुनते आ रहे जिले के सपा नेताओं को आज इसमें पूरी असलियत नजर आ गई जब अखिलेश अपने इर्द गिर्द कब्जा जमा चुकी कोटरी के लोगों के कहने से बसपा के एक कार्यकर्ता का मान बढ़ाने के लिए कालपी आ पहुँचे । रामबाबू निषाद जिनके बेटे के तिलक में अखिलेश पहुँचे उन्हे जिले के सपा नेता बीएसपी से जुड़ा बता रहे हैं । दूसरी ओर स्थानीय नेताओं के आग्रह के वाबजूद उन्होने पूर्व विधायक स्वर्गीय आनंद स्वरूप की पत्नी की त्रयोदशी और जिले में सपा के संस्थापकों में शुमार युनूस चाचा के यहाँ






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