उरई। नाबार्ड ने जिले में जल संरक्षण के लिए जल ही जीवन है अभियान एक साथ 500 गांवों में शुरू किया है। जिसके लिए कृषि जलदूत स्वयं सेवकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को एक स्थानीय होटल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि पानी की बर्बादी से जुड़ी आदतों को बदला जाना चाहिए। स्वच्छ जल की जिस तरह कमी होती जा रही है उसके मददेनजर जीवन को बचाने के लिए पानी की एक-एक बूंद सहेजनी होगी।
विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड के लिए शुष्क क्षेत्र होने से पानी सबसे महत्वपूर्ण मुददा है। पेयजल संकट के कारण खाद्यान्न की समस्या पैदा हो रही है और लोगों का पलायन बढ़ रहा है। उपनिदेशक कृषि अनिल पाठक ने स्प्रिंक्लर सिचाईं, सोलर पंप सैट, खेत-तालाब आदि योजनाओं के बारे में बताया। जिला प्रधान संघ के अध्यक्ष अमित द्विवेदी ने ग्राम पंचायत इटौरा में प्राचीन तालाब के जीर्णोद्वार और जल संचयन के अन्य कार्यों की जानकारी नजीर के तौर पर सभा में बताई। इसके पहले नाबार्ड के जिला प्रबंधक प्रकाश कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने जल ही जीवन है अभियान की पृष्ठभूमि पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर मानवेंद्र सिंह, अनिल सिंह, श्याम प्रताप सिंह, पुरुषोत्तम तिवारी, ममता गुप्ता, रामकरन, वरुण सिंह, अमरदीप, प्रभात सोनी आदि शामिल हुए।

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