0 मामला एमएसडी कॉलेज में बीटीसी छात्रा द्वारा कॉलेज प्रशासन पर लगाये गये आरोपों का
0 छात्रा के आरोपों के जबाब में कॉलेज प्रशासन ने उतारा छात्र छात्राओं को
कोंच-उरई। ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम तीतरा खलीलपुर में संचालित महेन्द्र सिंह सुरेन्द्र सिंह दयाशंकर स्मृति महाविद्यालय में बीटीसी की पढाई कर रही छात्रा निधि त्रिपाठी द्वारा तीन दिन पूर्व कॉलेज प्रशासन और प्रबंध तंत्र पर उसका आर्थिक शोषण किये जाने के जो आरोप आयद किये गये थे, उनके जबाब में कॉलेज प्रशासन और प्रबंधतंत्र ने उक्त छात्रा के सहपाठी छात्र छात्राओं को उतारा है। इन छात्र छात्राओं ने एसडीएम को शपथ पत्र देकर उक्त छात्रा के आरोपों को निराधार बताया गया है, वहीं प्रबंध तंत्र ने भी सभी आरोपों को नकारते हुये अपना पक्ष एसडीएम के समक्ष रखा है। प्रबंधक शिवप्रसाद निरंजन ने कहा है कि कॉलेज में उस छात्रा के साथ 87 और भी बच्चे जिनमें बीटीसी तृतीय बर्ष में 44 बच्चे पढते हैं लेकिन इस तरह की शिकायत किसी को भी नहीं है। एसडीएम ने कॉलेज प्रशासन से कहा है कि किसी दिन वह कॉलेज में ही आकर मामले की जांच करेंगे।
गौरतलब है कि महेन्द्र सिंह सुरेन्द्र सिंह दयाशंकर स्मृति महाविद्यालय तीतरा खलीलपुर में बीटीसी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा निधि त्रिपाठी जो मूल रूप से जिला औरैया के ग्राम मियांपुर थाना बूढदाना की निवासी है, ने जिलाधिकारी नरेन्द्र शंकर पांडे से शिकायत की थी कि कॉलेज प्रशासन प्रत्येक सेमेस्टर में सुविधा शुल्क के नाम पर उससे मोटी मोटी रकमें ऐंठता रहा है। उसने प्राचार्य मनोज निरंजन और लिपिक ब्रजेन्द्र बाबू द्वारा अन्य छात्र छात्राओं के मुकाबले उससे कुछ ज्यादा ही पैसा ऐंठने की बात एसडीएम के यहां दर्ज कराये गये बयानों में कही थी, उसका कहना था कि उसने जब और पैसा देने से मना किया तो उसे देख लेने और उसका भबिष्य बर्बाद कर देने की धमकी दी गई। इस शिकायत पर संज्ञान लेकर डीएम ने एसडीएम कोंच को मामले की जांच करने के निर्देश दिये हैं। छात्रा को बुला कर एसडीएम ने शुक्रवार को उसके बयान दर्ज कराये थे। एसडीएम ने कॉलेज प्रशासन को भी अपना पक्ष रखने के लिये बुलाया था जिस पर सोमवार को कॉलेज के प्रबंधक शिवप्रसाद निरंजन, विभागाध्यक्ष मनोजकुमार निरंजन, कर्मचारियों शैलेन्द्र सिंह, राहुल, संतोष, सत्येन्द्र, लिपिक ब्रजेन्द्र कुमार के अलावा छात्रा के सहपाठी छात्र छात्राओं प्रह्लाद, रोहित, शिवम, शिवानी, रेनू, रामलला आदि चैदह लोगों ने एसडीएम के यहां शपथ पत्र देकर आरोपों को सिरे से नकार दिया है। प्रबंधक शिवप्रसाद निरंजन ने कहा है कि उक्त छात्रा कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाने के लिये इस तरह की हरकतें करती है जिन्हें अक्सर कॉलेज प्रशासन यह सोच कर नजरंदाज करता रहा है कि छात्रा है और धीरे धीरे उसमें सुधार आ जायेगा।

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