उरई : नगर के मोहल्ला बघौरा में चुर्खी रोड पर 15 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में स्तब्ध कर देने वाली बात सामने आयी है। किशोर को उसी के दोस्त ने महज दो सौ रुपये के विवाद में मौत के घाट उतार दिया। किशोर ने दोस्त को दौ सौ रुपये उधार दिये थे। रुपये न लौटाने पड़े इसलिए आरोपी ने उसकी हत्या कर डाली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

मोहल्ला बघौरा निवासी वीरेंद्र कुमार का पंद्रह वर्षीय पुत्र जीतू दो दिन पहले लापता हो गया था। अपहरण का संदेह जताते हुए वीरेंद्र ने मंगलवार शाम कोतवाली में तहरीर दी। शाम को जीतू का शव चुर्खी रोड पर नाले में पड़ा बरामद हुआ था। हत्या के नजरिए से पुलिस ने छानबीन शुरू की। तो पता चला कि कुछ लोगों ने जीतू को आखिरी बार उसके दोस्त सिकंदर के साथ देखा गया। इसके बाद रात में ही पुलिस ने सिकंदर के घर पर दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो कत्ल का राज खुल गया। एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सिकंदर ने जीतू से 200 रुपये उधार लिए थे। जब कई दिन बाद उसने रुपये नहीं लौटाए तो जीतू ने जोर देकर अपने रुपये मांगे। जिसके बाद रुपये लौटाने के बहाने सिकंदर उसे अपने साथ लेकर गया। उसने नाले के पास उसे ले जाकर अपनी साफी जीतू की गर्दन में डाली और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद में शव को नाले में डाल दिया। उसने अकेले घटना को अंजाम दिया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सिकंदर ने गुनाह कबूल करते हुए बताया कि किस तरह उसने दो सौ रुपये के लिये दोस्त को मार डाला। वार्ता के दौरान प्रभारी निरीक्षक संजय गुप्ता भी मौजूद रहे।


माता पिता का इकलौता पुत्र था जीतू

 

जीतू अपने माता पिता का एकलौता पुत्र था। पिता वीरेंद्र ने बताया कि वह बेहद गरीब है। उसका पुत्र जीतू शादी समारोहों में वेटर का काम करता था। सिकंदर भी उसके साथ काम करता था। तभी से दोनों की दोस्ती हो गई। उसने सोचा भी नहीं था कि उसके बेटे की हत्या उसका दोस्त ही कर देगा।

 

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