उरई। दरोगा से सीओ बना अरुण कुमार सिंह अपने चहेते कोतवाल संजय गुप्ता के तबादले के बाद बौखलाकर जिस तरह की ऊंची डींगें हांकने और धमकियां देने के लिए तत्पर हो गया। उसके बाद उसकी बहादुरी देखकर मांग की जाने लगी है कि इसे तत्काल कश्मीर के बार्डर पर तैनाती के लिए भेजा जाये।
जालौन टाईम्स में उरई के निवर्तमान कोतवाल संजय गुप्ता के बारे में समाचार प्रकाशित होने के बाद इस रंगे सियार ने अपना आपा खो दिया। इसने जालौन टाइम्स परिवार के एक शुभ चिंतक को फोन करके कहा कि संजय गुप्ता का सर्वश्रेष्ठ कोतवाल है। हो सकता है कि दरोगा से सीओ बने इस अरुण कुमार सिंह की यह बात सही हो लेकिन बात यह नही है। उसके बाद यह रंगा सियार बोला कि नोटिस भेजकर वह जालौन टाइम्स को बर्बाद कर देगा। जालौन टाइम्स से ज्यादा यह जिले के शरीफ एसपी स्वप्निल ममगोई के अधिकार क्षेत्र को चुनौती है। अगर किसी विभाग के बारे में मीडिया के किसी अंग में गलत खबर प्रकाशित हो जाये तो नोटिस विभागाध्यक्ष देता है, पिददी न पिददी का शोरबां कोई बहुत नीचे का मातहत किस अधिकार से नोटिस दे सकता है। संजय गुप्ता खुद नोटिस दे सकते हैं। क्योंकि वे सीधे तौर पर समाचार में निशाने पर रहे जिससे उनको अपने मान-सम्मान के लिए ऐसा करने के लिए अधिकार है। दूसरे रंगे सियार ने यह कहा कि वह पिछली तारीख में किसी से प्रार्थना पत्र लेकर जालौन टाइम्स के खिलाफ जांच में ऐसा लिख देगा जिससे वह कभी जेल से नही निकल पायेंगे। जरूर ऐसा हो सकता है क्योंकि सारी न्याय पालिका को तो इसी रंगे सियार की बपौती में है। जालौन टाइम्स को इंतजार रहेगा कि इसने जो कहा है वह चरितार्थ करके दिखाये। वैसे पूरे पुलिस निजाम और सारे सिस्टम से ऊपर की हैसियत रखने वाला यह रंगा सियार अगर पुलिस की वर्दी मे न हो तो कितना बहादुर होगा इसका भी इम्तिहान इसे कश्मीर भेजकर लिया जाना चाहिए।

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