उरई। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उरई-जालौन फोरलेन के निर्माण में हो रही अनियमितताओं को उजागर करते हुए उप जिलाधिकारी को जांच के लिए प्रार्थनापत्र सौंपा। रत्नेश त्रिपाठी, अनिरुद्ध, सुनील शर्मा, दीपेंद्र सिंह सेंगर, पंकज द्विवेदी, अनीता द्विवेदी, टीपी बाजपेयी, शैलेंद्र शर्मा बंगरा, अजय सिंह आदि ने प्रार्थनापत्र में बताया कि फोरलेन में सातमील से भिटारा तक कोई सर्विस लेन नही दी गई है जो कि चूंक है।
उन्होंने कहा कि मिटटी डालने के बाद रोड दी गई जिस पर पानी का छिड़काव होना चाहिए लेकिन तीन-चार माह से समस्त कार्य स्थिगित हैं और पानी का छिड़काव नही किया जा रहा है। नतीजतन आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को स्वास लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। विहिप नेताओं ने फोरलेन कंपनी के खिलाफ जांच की मांग की। एक और ज्ञापन में विहिप नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मददेनजर मिश्रित सुपाड़ी गुटखा पर रोक का हवाला देते हुए उरई में साईं, गणेश, महाकालेश्वर आदि नामों से बन रहे तंबाखू मिश्रित गुटखों की जांच की मांग की। साथ ही हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के चित्र लगे उन गुटखों को सड़क पर फेकें जाने से लोगों के पैरों तले रौदें जाने को धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की।






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