उरई। जिले में आबकारी विभाग की मिलीभगत के कारण भांग की कई अनधिकृत दुकानें सरेआम संचालित हो रहीं हैं। इतना ही नही इन दुकानों में भांग की आड़ में गांजे की बिक्री की जा रही है और आबकारी विभाग कानों में तेल डालकर बैठा हुआ है।
गैर कानूनी रूप से संचालित भांग ये ठेके भेड़ न्यामतपुर, ईंटों, उसरगांव, जोल्हूपुर मोड़ कैलिया, नदीगांव और उरई के मोहल्लों बघौरा व उमरारखेरा में संचालित हैं। इससे एक ओर जहां राजस्व की हानि हो रही है वहीं हानिकारक मादक द्रव्यों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। गौरतलब यह है कि जिले को भांग के ठेकों के लिहाज से दो सर्किलों में बांटा गया है। सर्किल एक उरई में एक दर्जन दुकानें हैं जो कि उरई के मोहल्ला गोपालगंज, गणेश गंज, रामनगर, तुफैलपुरवा, पटेल नगर, जिला परिषद के साथ-साथ एट, कोटरा, आटा, कालपी के अलावा दो ठेके कोंच में स्थापित हैं। सर्किल दो जालौन में 11 ठेके हैं जो कि जालौन के सब्जीमंडी, देवनगर चैराहा के अलावा, माधौगढ़, जगम्मनपुर, रामपुरा, बंगरा, कुठौंद, मदारीपुर, सिरसाकलार, गोहन और ऊमरी में स्थापित हैं। इनके अलावा जो भी भांग के ठेके चालये जा रहे हैं वे सभी गैरकानूनी हैं लेकिन आश्चर्य यह है कि फिर भी आबकारी विभाग कार्रवाई नही कर पा रहा आखिर ऐसा क्यों।

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