0 बोले डीएम, पुस्तकें व्यक्ति की सबसे उम्दा जीवन साथी
0 सरोजिनी नायडू पार्क स्थित पुस्तकालय एवं वाचनालय का हुआ लोकार्पण
कोंच-उरई। बीती देर रात नगर का सरोजिनी नायडू पार्क यहां के बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों के आकर्षण का केन्द्र बना था, मौका था वहां नव स्थापित डॉ. अवधविहारी गुप्त पुस्तकालय एवं वाचनालय के लोकार्पण का। इलाकाई सांसद भानुप्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन एवं जिलाधिकारी जालौन नरेन्द्रशंकर पांडे द्वारा किये गये भव्य लोकार्पण में नगर के हजारों गणमान्य नागरिक इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि सांसद भानुप्रताप वर्मा ने कहा कि ज्ञानार्जन का सबसे बढिया साधन पुस्तकें ही हैं और व्यक्ति को इन्हें अपना अभिन्न साथी बनाने की आवश्यकता है। कोंच में पालिका द्वारा नव स्थापित यह पुस्तकालय यहां के लोगों के ज्ञान संबर्द्धन में मील का पत्थर साबित होगा। डीएम नरेन्द्रशंकर पांडे ने कहा कि लोग पढ़ने पढ़ाने की संस्कृति को भूलते जा रहे हैं, इस प्रवृत्ति को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सीएम योगी के महापुरुषों की जयंतियों की छुट्टियां खत्म करने को बिल्कुल सही ठहराते हुये कहा कि बच्चों को उन महापुरुषों के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में बताने की जरूरत है जिनकी जयंतियों पर छुट्टियां की गईं हैं। उन्होंने इस पुस्तकालय को पूरी तरह से हृष्ट पुष्ट बताते हुये कहा कि लोगों को इसका लाभ लेना चाहिये।
जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन की अध्यक्षता, सांसद भानुप्रताप वर्मा के मुख्य आतिथ्य तथा जिलाधिकारी नरेन्द्रशंकर पांडे के विशिष्ट आतिथ्य में सरोजिनी नायडू पार्क में बीती रात्रि डॉ. अवधविहारी गुप्त पुस्तकालय एवं वाचनालय का भव्य लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न हुआ। सर्वप्रथम अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र का पूजन किया, नगर के विद्वान पं. संजय रावत के नेतृत्व में पं. लल्लूराम मिश्रा, पं. मुकेश तिवारी आदि आधा दर्जन विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्रों के सस्वर उच्चारण के बीच अतिथियों ने फीता काट कर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। अतिथियों ने पुस्तकालय का अवलोकन किया जिसमें उन्हें जानकारी दी गई कि इसमें सभी विषयों यहां तक कि आध्यात्मिक पुस्तकें भी रखीं गईं हैं। पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया एवं ईओ रवीन्द्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया, पूर्व बार संघ अध्यक्ष विज्ञान विशारद सीरौठिया ने अतिथियों का बड़ी माला पहना कर तथा शाब्दिक स्वागत करते हुये पुस्तकालय की स्थापना की अपरिहार्यता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पुस्तकालय की स्थापना में सांसद निधि के 13 लाख 81 हजार तथा नगर पालिका के 5 लाख खर्च हुये हैं जबकि सवा लाख की पुस्तकें मंगाई गई हैं। संचालन राजेन्द्र द्विवेदी ने किया। पालिका सभासदों राघवेन्द्र तिवारी, महावीर यादव, नरेन्द्र मयंक, संजय सोनी, अनुराग गुप्ता, बादामसिंह कुशवाहा, अजय गुप्ता, रशीद राईन, समसुद्दीन, शकील अहमद, श्यामदास ककइया, ठेकेदारों देशराज सिंह जादौन, नीरज खरे, संजय अग्रवाल, सेनेट्री इंसपेक्टर अभयसिंह, जेई सतीश कमल, दीपकपति तिवारी, पुरुषोत्तम गौतम, विजय अवस्थी, चंद्रप्रकाश गुप्ता, जीवनलाल बाल्मीकि, घनश्याम राठौर आदि ने एसडीएम मोईन उल इस्लाम, संतलाल अग्रवाल, प्रोफेसर वीरेन्द्रसिंह, डॉ. दिनेश उदैनिया, कोतवाल सत्यदेव सिंह, रजनीकांत गुप्ता, कुंजविहारी गुप्ता, डॉ. विनोदकुमार गुप्ता, डॉ. नीता रेजा, डॉ. टीआर निरंजन, धर्मादा अध्यक्ष सोहन वाजपेयी, सुदर्शन महंत आदि अतिथियों का भी माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान नगर के नामचीन कवियों साहित्यकारों और उपन्यासकारों नरेन्द्रमोहन मित्र, भास्करसिंह माणिक्य, सुरेन्द्र नायक, दिनेश मानव, नंदराम स्वर्णकार, ब्रजेश नायक आदि ने अपनी अपनी स्वरचित कृतियां भी पुस्तकालय में भेंट स्वरूप प्रदान कीं। इस दौरान ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत, विजय रावत, ओमशंकर अग्रवाल, अनुरुद्ध मिश्रा, हरिश्चंद्र तिवारी, अखिलेश बबेले, राकेश अग्रवाल, आनंद सेठ, अजय गोयल, राममोहन रिछारिया, बॉबी पटेल, श्रीकांत गुप्ता, श्यामविहारी चैधरी, वंदना वर्मा, सुनील लोहिया, केके यादव, संजय सिंघाल, राजीव रेजा, नृसिंह बुंदेला सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।






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