0 मामला नदीगांव ब्लॉक के ग्राम ऊंचागांव में मनरेगा में हुये सात लाख के घपले का
0 भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जांच के बाद पंचायतराज अधिकारी ने 2015 में लिखाया था मामला
0 दो पूर्व प्रधानों सहित चार लोगों के खिलाफ लिखी गई थी रिपोर्ट
कोंच-उरई। दो बर्ष पुराने गबन के एक बहुचर्चित मामले में बांछित चार आरोपियों में से एक को आज कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि मनरेगा में हुये इस घपले में शिकायतकर्ता ने सोलह लाख की हेराफेरी का आरोप लगाया था लेकिन भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जांच के बाद सात लाख का गबन की पुष्टि होने के बाद बर्ष 2015 में पंचायतराज अधिकारी द्वारा कैलिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें दो पूर्व प्रधानों समेत चार लोग शामिल हैं।
विकास खंड नदीगांव अंतर्गत ग्रामसभा ऊंचागांव में बर्ष 2015 में मनरेगा योजना के तहत कुछ कार्य हुये थे जिनमें हेराफेरी के अंदेशे के चलते गांव के ही सुनील श्रीवास्तव ने स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक शिकायत की थी जिसमें तकरीबन सोलह लाख के घपले का आरोप लगाया था। इस शिकायत की गूंज दूर तलक गई और तमाम चरणों से गुजरती हुई जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन तक पहुंची। संगठन के डीआईजी अतुलकुमार ने मामले की बारीकी से जांच की और गबन के आरोप सही पाये अलबत्ता रकम उतनी नहीं साबित हुई जितनी आरोपित की गई थी। जांच में सिर्फ 6 लाख 58 हजार के आसपास गबन साबित होने के बाद जिला पंचायतराज अधिकारी सरफराज आलम ने 2 जुलाई 2015 में दो पूर्व प्रधानों के साथ सचिव राकेश त्रिपाठी पुत्र राजबहादुर निवासी नया पटैल नगर उरई तथा जेई रवीन्द्र कुमार अग्रवाल पुत्र केदार अग्रवाल के खिलाफ कैलिया थाने में भादंवि की धारा 406, 409 में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की जांच कोंच कोतवाली पुलिस के एसएसआई अजय कुमार सिंह कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को मामले के एक आरोपी जेई रवीन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया है कि शीघ्र ही अन्य आरोपी भी पकड़े जायेंगे।

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