0 गल्ला व्यापारी समिति ने मंडी प्रशासन के समक्ष रखी समस्या
कोंच-उरई। नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति के फरमान को लेकर किसान और आढतिया दोनों हतप्रभ हैं, मंडी प्रशासन ने गल्ला व्यापारियों को जता दिया है कि किसानों को उनकी जिन्स की बिक्री के एंवज में ई-भुगतान किया जाये। इस फरमान को लेकर जहां व्यापारी दिक्कत महसूस कर रहे हैं उससे ज्यादा दिक्कत तलब किसानों के लिये बन गया है यह फरमान। गल्ला व्यापारी समिति ने शुक्रवार को मंडी सचिव को ज्ञापन देकेर ई-भुगतान में आने बाली व्यवहारिक समस्याओं की ओर ध्यान खींचते हुये अपेक्षा जताई है उन्हें किसानों का भुगतान नकद और चेक से करने की चली आ रही सुविधा को ही चलाने दिया जाये।
गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल के निर्देशन में समिति के उपाध्यक्ष राममोहन रिछारिया और मंत्री धु्रवप्रताप सिंह निरंजन ने शुक्रवार को मंडी सचिव डॉ. दिलीप वर्मा से मुलाकात कर उन्हें ई-भुगतान में आ रही दिक्क्तों के बारे में विस्तार से बताया और चार सूत्रीय ज्ञापन उन्हें सौंपते हुये कहा है कि अभी तक चले आ रहे सिस्टम के मुताबिक किसानों को उनकी उपज की बिक्री का भुगतान चेक या नकद किया जा रहा है और किसान इस व्यवस्था से संतुष्ट भी हैं। इस इलाके का अधिकांश किसान अपनी उपज बेचने के ऐवज में नकद भुगतान लेना पसंद करता रहा है, इसके अलावा बदली व्यवस्थाओं में वह चेक से भी भुगतान लेने लगा है और पूरा सिस्टम ठीक ठाक चल रहा है। अब मंडी प्रशासन ने ई-भुगतान के निर्देश व्यापारियों को दिये हैं जिसका जबर्दस्त विरोध किसानों की ओर से किया जा रहा है और वे ई-भुगतान लेने को राजी नहीं हैं। इसके अलावा ई-भुगतान में व्यापारियों के समक्ष भी तमाम तकनीकी दिक्कतें हैं। मसलन, जरा सी भी चूक होने पर भुगतान गलत जगह पहुंच सकता है, माल की बिक्री के दिन ही ई-पेमेंट होना कतई संभव नहीं है, आये दिन बैंक शाखाओं में नेट और सर्वर डाउन की समस्या बनी ही रहती है जिससे किसान का भुगतान बिलंबित हो जाता है और सबसे बड़ी तथा महत्वपूर्ण बात है कि यहां का किसान अधिक पढा लिखा नहीं होने के कारण ई-भुगतान जैसी व्यवसथाओं के बारे में जागरूक नहीं है लिहाजा किसानों को उनकी बिकी उपज का भुगतान चेक अथवा नकद किये जाने की सुविधा को ही चलते रहने देने की अनुमति प्रदान की जाये





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